Lucknow News: झुग्गी बस्ती में भीषण आग, 40 झोपड़ियां खाक, दमकल की 12 गाड़ियों ने चार घंटे में पाया काबू

लखनऊ : बाजारखाला स्थित एलडीए कॉलोनी की झुग्गी बस्ती में गुरुवार दोपहर भीषण आग लग गई, जिसमें करीब 40 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। आग की लपटों के बीच रसोई गैस सिलेंडरों के तेज धमाकों से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियों ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।

कूड़े के ढेर से शुरू हुई आग, झुग्गियों तक पहुंची लपटें

स्थानीय लोगों के अनुसार, झुग्गियों के पास कूड़े के ढेर में अचानक आग लग गई, जो तेज हवाओं के चलते तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते लपटों ने पूरी बस्ती को चपेट में ले लिया। लोग आग बुझाने की कोशिश करते रहे लेकिन नाकाम रहे और जान बचाकर भागे। आग से झोपड़ियों में रखा सारा सामान जल गया।

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दमकल विभाग की कड़ी मशक्कत

सूचना मिलते ही चौक, आलमबाग, इंदिरानगर और हजरतगंज फायर स्टेशनों से दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग इतनी भयावह थी कि कई बार पानी खत्म हो गया और दमकल कर्मियों को बाल्टियों से भी आग बुझाने की कोशिश करनी पड़ी। अंततः चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया

शरारत का शक, जांच की मांग

झुग्गी मालिक रानी और राजेश ने आरोप लगाया कि यह किसी की शरारत का नतीजा है। उन्होंने बताया कि किसी ने जानबूझकर कूड़े में आग लगाई थी। वहीं, छत्तीसगढ़ से आकर यहां काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि वे 20–25 वर्षों से किराए पर रहकर मजदूरी करते हैं।

मदद के लिए आगे आए संगठन

घटना से प्रभावित परिवारों के पास ना तो खाने को कुछ बचा और ना ही रहने की जगह। ऐसे में भारतीय मजदूर जन कल्याण समिति के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने अग्निकांड स्थल पर पहुंचकर पीड़ितों को खाद्य सामग्री वितरित की।

बिना अनुमति बसी थी झुग्गी बस्ती

स्थानीय लोगों का कहना है कि एलडीए कॉलोनी के खाली भूखंड पर अवैध रूप से झुग्गियां बनाई गई थीं। इन झुग्गियों में अवैध बिजली कनेक्शन भी थे, जिनमें से कई में मीटर तक नहीं लगे थे। झोपड़ी मालिक रानी, राजेश, चंद्रिका, साबिर और जहूर द्वारा लगभग 50 झोपड़ियां किराए पर दी गई थीं, जिनका प्रति झोपड़ी करीब 1200 रुपये किराया लिया जाता था।

इस घटना ने एक बार फिर झुग्गी बस्तियों में अव्यवस्था और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर कर दिया है।

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