हरियाणा के झज्जर पहुंचे सीएम योगी, मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा में हुए शामिल, कहा, धर्मांतरण की साजिशों से रहें सतर्क

लखनऊ/झज्जर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत जब-जब स्वर्णयुग की ओर बढ़ा है, तब-तब विदेशियों ने विभिन्न माध्यमों से प्रहार करने की कोशिश की है। आज भी धर्मांतरण, लव जेहाद और नशे के जरिए समाज को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं, जिनसे सजग रहने की आवश्यकता है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हरियाणा के झज्जर जनपद के कबलाना गांव स्थित बाबा पालनाथ आश्रम में आयोजित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और आठ मान के भव्य भंडारे में शामिल होकर समाज और संत समुदाय को सतर्क रहने का संदेश दिया। 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "भारत, विश्व मानवता और चराचर जगत की रक्षा के लिए सनातन धर्म की रक्षा अनिवार्य है। जब हम बंटे, तब-तब हमें नुकसान हुआ। इसलिए न जाति के नाम पर बंटना है, न क्षेत्र और न ही भाषा के आधार पर।" 

उन्होंने अयोध्या में रामजन्मभूमि मंदिर परिसर में फहराए गए भगवा धर्मध्वज का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे वहां सनातन की विजयी ध्वजा लहरा रही है, वैसे ही हर सनातनी के घर पर धर्मध्वजा दिखनी चाहिए। 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हरियाणा भी डबल इंजन सरकार की बदौलत विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहा है। उन्होंने लोगों के सुख-शांति, प्रगति और खुशहाली की कामना की। नशे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि "सीमा पार से नशे के कारोबार को फैलाने की साजिशें लगातार हो रही हैं। 

नशा नाश का कारण है और यह समाज की सोचने की क्षमता को नष्ट कर देता है। यदि हम जागरूक नहीं हुए तो भावी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी।" योगी आदित्यनाथ ने संतों से आग्रह किया कि हर धार्मिक आयोजन में धर्मांतरण, लव जेहाद और नशे के खिलाफ आवाज बुलंद की जाए। 

उन्होंने बताया कि नाथ संप्रदाय के योगी पारंपरिक रूप से सारंगी बजाकर गांव-गांव जाकर जनजागरण करते थे, जो समाज को जागृत करने की प्रभावी पद्धति थी। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म दुनिया की सबसे प्राचीन परंपरा है, जिसकी साधना और सिद्धांतों ने मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। 

आदिनाथ भगवान शिव की उपासना उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक भारत की एकात्मता का प्रतीक है। नाथ सिद्धों ने 12 उपपंथों के माध्यम से सनातन की शिक्षाओं को सर्वसुलभ किया है। भंडारे की व्यवस्था और विशाल जनसमूह को देखकर मुख्यमंत्री ने इसे अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि यह आयोजन प्रयागराज महाकुंभ की स्मृति दिलाता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को जोड़ने, योग और ध्यान की परंपरा को आगे बढ़ाने और स्वस्थ व सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देने वाले हैं। कार्यक्रम में सिद्ध शिरोमणि बाबा मस्तनाथ, बाबा पालनाथ और उनके गुरु भाई सहित शिव परिवार एवं बजरंग बली की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इस मौके पर बाबा मस्तनाथ पीठ के महंत व विधायक योगी बालक नाथ, महंत नरहरिनाथ, चेताईनाथ, राजनाथ सहित अनेक संत एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

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