आगामी जनगणना में जाति गणना भी होगी: अधिकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की जनगणना निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने कहा है कि आगामी जनगणना के दौरान जाति गणना भी की जाएगी।

उन्होंने शनिवार को यहां पत्रकारों से कहा कि जनगणना के पहले चरण में घरों की गणना और घरेलू संपत्तियों से जुड़ी जानकारी एकत्र की जा रही है, जबकि दूसरे चरण में व्यक्तिगत विशेषताओं का विस्तृत विवरण लिया जाएगा।

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वर्मा ने बताया कि दूसरे चरण में साक्षरता स्तर, व्यवसाय और अन्य व्यक्तिगत जानकारियों के साथ-साथ जाति से संबंधित आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह जनगणना स्वतंत्रता के बाद आठवीं और वर्ष 1872 में शुरू हुई श्रृंखला की 16वीं जनगणना होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति किसी क्षेत्र में सामान्य रूप से निवास कर रहा है, उसे उसी क्षेत्र की आबादी का हिस्सा माना जाएगा और उसकी गणना की जाएगी, सिवाय उन लोगों के जिन्हें राजनयिक छूट प्राप्त है या जो किसी अन्य देश के नागरिक हैं।

अधिकारी ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 31 मार्च 2027 तक नए प्रशासनिक इकाइयों जैसे तहसील, राज्य, राजस्व गांव या ब्लॉक का गठन नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े राजस्व ग्राम और वार्ड स्तर पर प्रकाशित किए जाते हैं, इसलिए सीमाओं का स्थिर रहना आवश्यक है।

भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने लोगों से गणना कर्मियों को सही जानकारी देने की अपील की है और आश्वस्त किया है कि व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा और इसे किसी सरकारी या निजी संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा, न ही अदालत में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, जाति से संबंधित जानकारी दूसरे चरण में एकत्र की जाएगी और इसके लिए प्रश्नों को अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न सुझावों पर विचार किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष आगामी जनगणना में जाति गणना शामिल करने का निर्णय लिया था।

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