हरदोई में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पति को 10 साल की सजा, अदालत ने कहा—विवाह नहीं बचाव का आधार

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। घटना के करीब नौ वर्ष बाद आए इस फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि विवाह अपराध को कम नहीं करता।

मामला माधौगंज थाना क्षेत्र का है, जहां 14 जनवरी 2017 को आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया था। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

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अभियोजन के अनुसार, घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता से विवाह कर लिया और वर्तमान में उनके दो बच्चे भी हैं। हालांकि, विशेष पॉक्सो न्यायाधीश मनमोहन सिंह की अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया।

बचाव पक्ष ने प्रेम संबंध और विवाह का हवाला देते हुए सजा में राहत की मांग की, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि नाबालिग के साथ अपराध गंभीर और अक्षम्य है तथा विवाह करने से इसकी गंभीरता कम नहीं होती।

अदालत के इस फैसले को ऐसे मामलों में एक महत्वपूर्ण नजीर के रूप में देखा जा रहा है।

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