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तहसील समाधान दिवस में 180 शिकायतें पहुंचीं, 18 का मौके पर निस्तारण
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सदर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ की संयुक्त अध्यक्षता में फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं।
तहसील दिवस में सबसे अधिक शिकायतें जमीन कब्जा, बंटवारा, वरासत, चकबंदी और पारिवारिक विवादों से संबंधित रहीं।
एक अधिवक्ता की जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तहसीलदार को मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी अथवा निजी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
किसान अभिषेक उपाध्याय ने शिकायत की कि 250 कुंतल धान बेचने के बावजूद उन्हें केवल 125 कुंतल का ही भुगतान मिला है। इस पर जिलाधिकारी ने डिप्टी आरएमओ को एक सप्ताह के भीतर शेष भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
वरासत, नामांतरण और पैमाइश से जुड़े मामलों पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि एक ही प्रकरण में बार-बार जांच कर लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। उन्होंने लेखपालों को निष्पक्ष और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
एक मामले में मंदिर की जमीन को निजी नाम पर दर्ज कराने के प्रयास पर जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि मंदिर की भूमि मंदिर के नाम ही दर्ज रहेगी।
उन्होंने अधिकारियों को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने तथा सभी कार्य ई-फाइलिंग प्रणाली के तहत ही करने के निर्देश दिए।
तहसील दिवस में पुलिस संबंधी मामलों की सुनवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने की और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, उपजिलाधिकारी सदर दीपक गुप्ता, तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
