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फर्जी विवेचना का खुलासा: इंस्पेक्टर समेत 13 पुलिसकर्मी निलंबित, आईजी अमित पाठक की कड़ी कार्रवाई
गोंडा। देवीपाटन परिक्षेत्र में सड़क दुर्घटना मामलों की विवेचना में भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताओं के खुलासे के बाद पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक ने सख्त कदम उठाया है। बीमा कंपनियों की शिकायत पर गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर गोंडा, बहराइच और श्रावस्ती जनपदों में कुल 13 मामलों में गड़बड़ियां सामने आईं, जिसके बाद एक निरीक्षक और 12 उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
इस फर्जीवाड़े से जहां बीमा कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुंचा, वहीं दुर्घटना पीड़ितों को भी न्याय से वंचित होना पड़ा। आईजी अमित पाठक ने स्पष्ट किया कि विवेचना में पारदर्शिता और ईमानदारी सर्वोपरि है। भ्रष्टाचार या लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और आगे भी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
इन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
बहराइच:
थाना हरदी के निरीक्षक अरुण कुमार सहित उपनिरीक्षक संजीव कुमार द्विवेदी (रामगांव), अशोक कुमार जायसवाल (नवाबगंज), तेज नारायण यादव, राकेश कुमार (मटेरा), राजेश्वर सिंह (नानपारा), रूपनारायण गोड़ (रामगांव), विजय यादव, दिवाकर तिवारी (मोतीपुर) और मेहताब आलम (बौंडी) को निलंबित किया गया।
गोंडा:
उपनिरीक्षक शेषनाथ पाण्डेय (खरगूपुर) और शशांक मौर्य (इटियाथोक) के खिलाफ कार्रवाई की गई।
श्रावस्ती:
उपनिरीक्षक शैलेश कुमार त्रिपाठी और प्रेमचंद (इकौना) पर कार्रवाई की गई।
श्रावस्ती (भिनगा):
निरीक्षक योगेश सिंह और उपनिरीक्षक गुरुदेव सिंह के मामले में निलंबन की प्रक्रिया प्रचलित है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और विवेचना से जुड़े मामलों की गंभीरता से समीक्षा की जा रही है।
