बाढ़ सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने लगाया धांधली का आरोप

बलिया। जनपद में बाढ़ और कटान से गांवों को बचाने के लिए नौ परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसी क्रम में बांसडीह तहसील के महाराजपुर और चांदपुर में सरयू नदी किनारे कराए जा रहे दो बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा और इसमें धांधली की जा रही है। उनका कहना है कि मौजूदा कार्य से गांवों को बाढ़ और कटान से सुरक्षा नहीं मिल पाएगी। ग्रामीणों ने पिचिंग और बोरियों के इस्तेमाल में भी अनियमितता का आरोप लगाया है।

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महाराजपुर निवासी रमा मास्टर ने कहा कि कार्य संतोषजनक नहीं है और यह एक महीने भी नहीं टिक पाएगा। उन्होंने बताया कि पिछली बार चांदपुर में करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए ठोकर का अब कोई अस्तित्व नहीं बचा है।

राहुल कुमार यादव ने आरोप लगाया कि बोरियों में मिट्टी या रेत भरकर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है, जिससे गांव सुरक्षित नहीं रह पाएगा। वहीं धन्नू यादव ने कार्य को ‘ठोकर’ के बजाय ‘ठोकड़ी’ बताते हुए कहा कि यदि बोरियों को साइड में डालकर लंबाई में पिचिंग की जाती तो निर्माण अधिक मजबूत और टिकाऊ होता।

ग्रामीण छितेश्वर यादव ने सीधे तौर पर निर्माण कार्य में लूट का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि काम केवल ऊपर-ऊपर से किया जा रहा है, जबकि इसे कम से कम 10 फीट गहराई तक होना चाहिए, ताकि कटान रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कई बोरियों की मिट्टी बह चुकी है और वे पानी में तैर रही हैं।

बताया जा रहा है कि चांदपुर और महाराजपुर में लगभग 8-8 करोड़ रुपये की लागत से परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) संजय मिश्र ने कहा कि सहायक अभियंता को गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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