बलिया: कोटेदार के गोदाम से गायब मिला 133 कुंतल से अधिक खाद्यान्न, आवश्यक वस्तु अधिनियम में मुकदमा दर्ज

बांसडीह (बलिया)। बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के नकहरा तिवारी गांव के उचित दर विक्रेता (कोटेदार) अजीत कुमार के खिलाफ खाद्यान्न वितरण में अनियमितता के आरोप में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी राजेश कुमार मिश्रा की तहरीर के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के अनुसार, ग्राम प्रधान/प्रशासक अजय कुमार ने 28 अक्टूबर को कोटेदार के खिलाफ राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत की थी। आरोप था कि कोटेदार कार्डधारकों को समय से राशन नहीं देता है, जिसके चलते ग्रामीणों को दूसरे गांवों की सरकारी राशन दुकानों से खाद्यान्न लेना पड़ता है।

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निरीक्षण में दुकान और गोदाम मिले खाली

शिकायत के आधार पर 29 अक्टूबर को क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने राशन दुकान और गोदाम का निरीक्षण किया। विभागीय पोर्टल और ई-पॉश मशीन के रिकॉर्ड के मुताबिक दुकान में 23.14 कुंतल गेहूं, 82.12 कुंतल चावल, 9.51 कुंतल मक्का और 18 किलोग्राम चीनी का स्टॉक होना चाहिए था। हालांकि, भौतिक सत्यापन के दौरान निर्धारित परिसर और गोदाम में खाद्यान्न नहीं मिला।

अधिकारियों ने स्टॉक और बिक्री रजिस्टर मांगा, लेकिन कोटेदार के प्रतिनिधि ने उसे उपलब्ध नहीं कराया। जांच के दौरान मौके पर मौजूद 17 कार्डधारकों और उनके परिजनों के बयान भी दर्ज किए गए।

तीन-चार महीने से राशन नहीं मिलने की शिकायत

जांच में अधिकांश कार्डधारकों ने बताया कि उन्हें पिछले तीन-चार महीने से कोटेदार राशन नहीं दे रहा था। राशन मांगने पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर वापस कर दिया जाता था। मजबूरी में उन्हें दूसरे गांवों की राशन दुकानों से खाद्यान्न लेना पड़ रहा था।

ग्राम प्रधान अजय कुमार और कोटेदार के प्रतिनिधि शारदानंद प्रसाद ने भी सत्यापन के दौरान गोदाम खाली होने की पुष्टि की।

वितरण प्रतिशत भी बेहद कम मिला

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कम खाद्यान्न वितरण प्रतिशत को लेकर कोटेदार को 6 अक्टूबर को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया था। जून से सितंबर तक राशन वितरण का प्रतिशत क्रमशः 22.53, 6.30, 9.34 और 18.13 रहा था। इसके बावजूद विक्रेता ने निर्धारित समय में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया।

अक्टूबर में भी 29 तारीख तक केवल 2.33 प्रतिशत कार्डधारकों को ही राशन वितरित किया गया था। जांच में निर्धारित स्टॉक के मुकाबले खाद्यान्न गायब मिलने को गंभीर अनियमितता मानते हुए कालाबाजारी और सरकारी खाद्यान्न के दुरुपयोग की आशंका जताई गई।

जिलाधिकारी की अनुमति के बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने कोटेदार अजीत कुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया।

कोतवाल राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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