बलिया में पंचायत चुनाव के ओबीसी आरक्षण पर मंथन, समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने आंकड़ों की समीक्षा की

बलिया। आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने और आरक्षण की स्थिति का आकलन करने के लिए शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक हुई। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों की समीक्षा की गई। साथ ही पिछड़े वर्गों की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

ओबीसी की वास्तविक स्थिति का किया जा रहा आकलन

बैठक में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। आयोग का उद्देश्य स्थानीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण के संबंध में अध्ययन एवं सर्वेक्षण कर सरकार को उचित संस्तुति देना है।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत के चुनाव होने हैं। इससे पहले पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का आकलन करना जरूरी है। आयोग इसी आधार पर अध्ययन कर रहा है कि पिछड़े वर्ग की विभिन्न जातियों को उचित आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व किस प्रकार दिया जाए।

ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान

न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने बताया कि प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को मिलाकर कुल आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत तक निर्धारित है। इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य पिछड़े वर्गों की विभिन्न जातियों की वास्तविक स्थिति का अध्ययन कर यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षण का लाभ संबंधित वर्गों तक उचित रूप से पहुंचे। बैठक में पिछड़ा वर्ग की विभिन्न जातियों, विशेष रूप से 79 जातियों की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा की गई।

पंचायत चुनाव में प्रभावी भागीदारी पर जोर

आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त आंकड़ों का परीक्षण किया जा रहा है, ताकि आरक्षण के संबंध में तथ्यपरक निर्णय लेने में सरकार को मदद मिल सके। उन्होंने स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों की भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर सर्वेक्षण और अध्ययन की व्यवस्था को महत्व दिया गया है। वर्ष 2022-23 में नगर निकाय चुनावों के दौरान भी पिछड़े वर्गों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण को लेकर आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण रही थी।

बैठक में बलिया जिले की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर पिछड़े वर्गों की स्थिति की समीक्षा की गई। आयोग ने पंचायत चुनावों में सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जरूरी तथ्यों के संकलन और परीक्षण पर जोर दिया।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर आयोग के सदस्य बृजेश कुमार (सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश), संतोष कुमार विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश), डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया (सेवानिवृत्त आईएएस) और एसपी सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस) मौजूद रहे।

इसके अलावा जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

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