गंगापुर घाट पर साथ जलीं नानी-नाती की चिताएं, कारुणिक दृश्य देख हर आंख हुई नम

मझौवा, बलिया : गंगापुर घाट यूं तो प्रतिदिन कई अंतिम संस्कारों का साक्षी बनता है, लेकिन शुक्रवार की सुबह यहां का दृश्य बेहद मार्मिक और हृदयविदारक था। एक ओर युवा नाती विकास यादव की चिता जल रही थी, तो ठीक बगल में उसकी अतिप्रिय नानी की चिता धधक रही थी। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो उठीं। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो आसपास की प्रकृति और धीरे-धीरे बहती गंगा की धारा भी इस असहनीय पीड़ा पर शोक व्यक्त कर रही हो।

गुरुवार को हेमंतपुर से एक वर्मा परिवार के मुंडन संस्कार में शामिल होने पहुंचे 16 वर्षीय विकास यादव पुत्र अमरनाथ यादव निवासी दलपतपुर, थाना बैरिया की गंगा में स्नान के दौरान गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई थी। विकास अपने परिवार और ननिहाल का इकलौता चिराग था तथा ननिहाल में रहकर पढ़ाई करता था।

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उधर, जैसे ही विकास की मौत की खबर उसकी नानी तक पहुंची, सदमे में उन्हें हार्ट अटैक आ गया और उनकी भी मौत हो गई। शुक्रवार सुबह गंगापुर घाट पर नानी और नाती दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।

अपने जवान बेटे को मुखाग्नि देते समय पिता अमरनाथ यादव के कांपते हाथ और मां की चिता को अग्नि देते हुए कमलेश यादव की बिलखती आवाजें वहां मौजूद हजारों लोगों को भीतर तक झकझोर रही थीं। घाट पर मौजूद हर शख्स की जुबां खामोश और आंखें नम थीं।

मुंडन संस्कारों में बढ़ रहे हादसे

स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में मुंडन और ओहार संस्कार परंपरा से अधिक प्रदर्शन और भीड़भाड़ का रूप लेते जा रहे हैं। गंगा घाटों पर स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने या नाव दुर्घटनाओं के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं।

लोगों ने ओझवलिया घाट की उस भयावह घटना को भी याद किया, जब ओवरलोड नाव पलटने से करीब 62 लोगों की जान चली गई थी। आज भी उस हादसे का जिक्र होते ही लोग सिहर उठते हैं।

हर घाट पर चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि गंगा के कटान क्षेत्रों वाले घाट बेहद जोखिम भरे होते हैं। कहीं पानी कम तो कहीं अचानक गहराई होने से लोग भ्रमित हो जाते हैं। बावजूद इसके अधिकांश घाटों पर चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं।

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जोखिम वाले घाटों को चिन्हित कर वहां चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

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