बलिया: गणतंत्र दिवस पर पेंशनरों का सम्मान, संगीतमय माहौल में गूंजा देशभक्ति का स्वर

बलिया। वरिष्ठ कोषाधिकारी कार्यालय परिसर में सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पेंशनरों के सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर संगीत और देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। पेंशनरों ने गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को भावनात्मक और उल्लासपूर्ण बना दिया।

इस अवसर पर वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे ने पेंशनरों को प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान एक महिला पेंशनर ने अपने संबोधन में वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे के प्रयासों की सराहना करते हुए उनकी माताजी को प्रणाम किया। पेंशनरों का कहना था कि आनंद दुबे का यह प्रयास उनके सम्मान और उत्साहवर्धन की दिशा में एक अनूठी पहल है। उन्हें संभवतः पहले ऐसे कोषाधिकारी के रूप में देखा जा रहा है, जिन्होंने पेंशनरों के लिए इस तरह का विशेष आयोजन किया।

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वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि बलिया की धरती ने आजादी के आंदोलन से लेकर आज तक अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखी है। उन्होंने बताया कि कोषागार परिसर में पेंशनरों के लिए “आनंद उपवन” नामक एक यादगार पार्क स्थापित किया गया है, जहां वे बैठकर समय बिता सकेंगे। उन्होंने इसे देश का पहला ऐसा ऐतिहासिक पार्क बताया।

आनंद दुबे ने बलिया की मिट्टी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहीं की शक्ति दुबे ने यूपीएससी परीक्षा में देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर जनपद का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि भारत युवाओं का देश है और जब युवा एवं बुजुर्ग मिलकर सकारात्मक कार्य करेंगे, तभी देश निरंतर प्रगति करेगा। उन्होंने 77वें गणतंत्र दिवस पर पेंशनरों के उत्साह और जोश की सराहना की।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कोषागार परिसर में ‘क्रांति कुआं’ का निर्माण कराया जा रहा है, जो शिक्षा और क्रांति के क्षेत्र में बलिया की अग्रणी भूमिका का प्रतीक होगा। अंत में उन्होंने सभी से आपसी मतभेद भुलाकर देशहित में सकारात्मक सोच रखने तथा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की परिकल्पना के अनुरूप है।

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