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बाराबंकी शिक्षिका सुसाइड मामला : सीएम से सम्मानित शिक्षिका हेडमास्टर के तानों से टूटी, अनसुनी शिकायतें बनीं मौत की वजह
बाराबंकी। ज्ञान और संस्कार का केंद्र माना जाने वाला विद्यालय एक समर्पित शिक्षिका की अंतिम सांसों का गवाह बन गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रशंसा प्राप्त कर चुकी शिक्षिका उमा वर्मा कथित तौर पर हेडमास्टर के तानों और सहकर्मियों की मानसिक प्रताड़ना नहीं झेल सकीं और उन्होंने आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक घटना ने शिक्षा व्यवस्था और विभागीय संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों के अनुसार, उमा वर्मा सहयोगियों के व्यवहार से बेहद आहत थीं। उन्होंने स्वयं और उनके पति ने कई बार विभाग से विद्यालय परिवर्तन की गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया गया। विभाग में मानसिक उत्पीड़न से जूझ रहे कर्मचारियों की सुनवाई या काउंसिलिंग की कोई प्रभावी व्यवस्था न होने के कारण ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।
इस मामले में मृतका के पति ऋषि कुमार वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका सीतावती और सहायक अध्यापक सुशील कुमार वर्मा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सतरिख थाना प्रभारी डी.के. सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर छलकता था दर्द
उमा वर्मा अपने कार्य के प्रति बेहद समर्पित थीं। उनके पढ़ाए छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी और स्कूल के प्रोजेक्ट्स को भी उच्च स्तर पर पहचान मिली थी। इन्हीं उपलब्धियों के चलते 11 नवंबर 2025 को बाराबंकी दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी प्रशंसा की थी।
आरोप है कि यही उपलब्धियां कुछ लोगों को रास नहीं आईं। ईर्ष्या और दुर्भावना के चलते प्रधानाचार्य और एक सहायक अध्यापक ने उन्हें लगातार अपमानित करना शुरू कर दिया। बार-बार की फटकार, ताने और दबाव ने एक संवेदनशील शिक्षिका को भीतर से तोड़ दिया। उमा वर्मा ने कई बार सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपने दर्द को व्यक्त किया था।
अधिकारियों का बयान
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
