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Union Budget 2026-27: पीएम मोदी ने बजट को बताया ऐतिहासिक, छोटे व्यापारियों और युवाओं को होगा बड़ा लाभ
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि यह बजट देश के भविष्य की मजबूत नींव रखता है और विकसित भारत के लक्ष्य को गति देगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किया गया यह बजट मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे छोटे व्यापारियों, एमएसएमई और युवाओं को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे ‘अवसरों का राजमार्ग’ बताते हुए कहा कि यह बजट वर्तमान की जरूरतों के साथ-साथ 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत आधार प्रदान करता है।
पीएम मोदी ने कहा कि इस बजट से भारत की वैश्विक स्थिति और सुदृढ़ होगी। भारत केवल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर संतुष्ट नहीं है, बल्कि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह बजट भरोसे पर आधारित शासन और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे के विजन को दर्शाता है, जिसमें राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने, महंगाई पर अंकुश लगाने और पूंजीगत व्यय बढ़ाने के बीच संतुलन बनाया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत ने कई अहम व्यापार समझौते किए हैं, जिनका सीधा लाभ युवाओं और लघु व मध्यम उद्योगों को मिला है। बजट में भी इस दिशा में कई अहम कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, नेशनल वॉटरवे के विस्तार, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और टियर-2 व टियर-3 शहरों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही शहरी विकास के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा देने की योजना भी शामिल है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई रफ्तार देने के लिए बजट में एक स्पष्ट और महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। उभरते हुए ‘सनराइज सेक्टर्स’ को जिस स्तर पर समर्थन दिया गया है, वह अभूतपूर्व है।
शिक्षा बजट बढ़ा, सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट: धर्मेंद्र प्रधान
इस बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ाया गया है, जो सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस बार शिक्षा बजट में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 8.27 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
श्री प्रधान ने कहा कि बजट में नवजात शिशु से लेकर युवाओं तक की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। गुणवत्ता आधारित शिक्षा, स्किलिंग, नवाचार, उद्यमिता और शोध को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि हर जिले में छात्राओं के लिए छात्रावास बनाने और राज्य सरकारों के सहयोग से पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे शोध और नवाचार का मजबूत इकोसिस्टम तैयार होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्वी भारत में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान खोलने की घोषणा की गई है। इसके अलावा विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्रों पर लगने वाले पांच प्रतिशत टैक्स को घटाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीआरटी) के बजट में भी 14 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह बजट भारत को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है।
