- Hindi News
- भारत
- एजुकेट गर्ल्स ने 18वें स्थापना दिवस पर प्रगति कार्यक्रम की शिक्षार्थियों को किया सम्मानित
एजुकेट गर्ल्स ने 18वें स्थापना दिवस पर प्रगति कार्यक्रम की शिक्षार्थियों को किया सम्मानित
बड़वानी (मध्य प्रदेश), एजुकेट गर्ल्स ने अपने 18वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक विशेष दीक्षांत समारोह आयोजित कर कक्षा 10 की परीक्षा पास करने वाली शिक्षार्थियों को सम्मानित किया। यह परीक्षा मध्य प्रदेश राज्य ओपन स्कूल (एमपीएसओएस) के माध्यम से उत्तीर्ण की गई थी। कार्यक्रम में संगठन के प्रेरक (सामुदायिक मार्गदर्शक) और टीम बालिका स्वयंसेवकों के योगदान को भी सराहा गया।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 10 पास करने वाली कई शिक्षार्थियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें से कई लड़कियाँ वर्षों बाद दोबारा पढ़ाई से जुड़ी थीं। समारोह में आयोजित इंटरैक्टिव सत्रों में शिक्षार्थियों, प्रेरकों और स्वयंसेवकों ने अपने संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानियाँ भी साझा कीं।
इस अवसर पर जिला पंचायत कलेक्टर काजल जावला (आईएएस) ने परिवारों से बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित बेटी न केवल अपना जीवन बदलती है बल्कि पूरे समाज के भविष्य को भी उज्ज्वल बनाती है।
वहीं पद्मा विलोचन शुक्ला (आईपीएस) ने एजुकेट गर्ल्स के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कई आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित करना बेहद आवश्यक है, ताकि वे आगे बढ़कर अपने परिवार और समाज का नाम रोशन कर सकें।
प्रगति कार्यक्रम से मिला ‘सेकंड-चांस’ शिक्षा का अवसर
समारोह की प्रमुख झलक प्रगति कार्यक्रम के माध्यम से पढ़ाई दोबारा शुरू कर कक्षा 10 पास करने वाली शिक्षार्थियों का सम्मान रहा। यह कार्यक्रम 15 से 29 वर्ष के उन युवाओं के लिए है जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ दी थी। गाँवों में आयोजित लर्निंग कैंप्स के माध्यम से उन्हें पढ़ाई के साथ जीवन कौशल और आत्मविश्वास भी सिखाया जाता है।
इस वर्ष 6,000 से अधिक शिक्षार्थियों का कक्षा 10 परीक्षा के लिए नामांकन किया गया है। वर्ष 2017 से एजुकेट गर्ल्स के कार्यक्रमों के माध्यम से चार लाख से अधिक लड़कियाँ और युवतियाँ माध्यमिक शिक्षा से दोबारा जुड़ चुकी हैं।
कार्यक्रम में 21 शिक्षार्थी, 26 प्रेरक और 20 टीम बालिका स्वयंसेवकों सहित कई साझेदार और समुदाय के सदस्य शामिल हुए। कई शिक्षार्थियों ने सामाजिक बाधाओं, घरेलू जिम्मेदारियों और पढ़ाई में लंबे अंतराल जैसी चुनौतियों को पार कर यह उपलब्धि हासिल की।
समारोह के दौरान आयोजित पैनल चर्चा में शिक्षार्थियों और स्वयंसेवकों ने अपनी शिक्षा की यात्रा साझा की और ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक सहयोग के महत्व पर जोर दिया।
