एसेटप्लस को नेक्सस वेंचर पार्टनर्स के नेतृत्व में 175 करोड़ रुपये की फंडिंग, भारत में असिस्टेड वेल्थ मैनेजमेंट को मिलेगा नया विस्तार

कोलकाता, जनवरी 2026: भारत के अग्रणी पूर्णतः डिजिटल-असिस्टेड वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म एसेटप्लस ने नेक्सस वेंचर पार्टनर्स के नेतृत्व में 175 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल की है। इस निवेश के जरिए कंपनी भारत में डिस्ट्रीब्यूटर-आधारित, मजबूत और दीर्घकालिक वेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम को और सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी। इस राउंड में एट रोड्स वेंचर्स, नितिन कामथ के रेनमैटर फंड और भूपिंदर सिंह का भी सहयोग रहा।

एसेटप्लस की स्थापना इस सोच के साथ की गई थी कि वेल्थ क्रिएशन केवल लेन-देन या टूल्स तक सीमित नहीं हो सकता। कंपनी एक ऐसा समग्र और सहयोगी इकोसिस्टम तैयार कर रही है, जहां टेक्नोलॉजी इंसानी सलाह को मजबूत बनाती है, उसकी जगह नहीं लेती। इसका मुख्य फोकस प्रमाणित और भरोसेमंद डिस्ट्रीब्यूटर्स को सशक्त बनाना है, ताकि वे भारतीय परिवारों को बेहतर, निरंतर और व्यापक वित्तीय सेवाएं दे सकें।

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एसेटप्लस के को-फाउंडर और सीईओ विश्रांत सुरेश ने कहा,

“हमारा उद्देश्य कभी केवल एक और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म बनना नहीं था। हम ऐसा वेल्थ मैनेजमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रहे हैं, जहां इंसानी सलाह और टेक्नोलॉजी की ताकत एक साथ काम करे। यह निवेश हमें उन साझेदारों के साथ अपने विज़न को तेज़ी से आगे बढ़ाने में मदद करेगा, जो भारत के वेल्थ इकोसिस्टम को दीर्घकाल के लिए मजबूत करना चाहते हैं।”

नई फंडिंग का उपयोग एसेटप्लस की टेक्नोलॉजी को और मजबूत करने, नए प्रोडक्ट्स जोड़ने और समग्र वेल्थ मैनेजमेंट पहलों को विस्तार देने में किया जाएगा। म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म का मुख्य आधार बने रहेंगे, लेकिन अब हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस जैसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे डिस्ट्रीब्यूटर्स एक ही प्लेटफॉर्म से ग्राहकों को संपूर्ण वित्तीय समाधान दे सकें।

भारत में निवेश का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। निवेशकों की संख्या बढ़ रही है और लाखों नए लोग पहली बार बाजार से जुड़ रहे हैं। हालांकि, बाजार की अस्थिरता, भावनात्मक फैसले और दीर्घकालिक योजना की कमी यह दिखाती है कि केवल ‘डू-इट-योरसेल्फ’ मॉडल हर किसी के लिए पर्याप्त नहीं है। ऐसे में सही मार्गदर्शन, संदर्भ और निरंतर सलाह की आवश्यकता और बढ़ जाती है।

एसेटप्लस का मानना है कि भारत में वेल्थ क्रिएशन का अगला चरण असिस्टेड मॉडल्स के जरिए आगे बढ़ेगा, जहां टेक्नोलॉजी डिस्ट्रीब्यूटर्स को जोखिम-आधारित और लक्ष्य-केंद्रित सलाह देने में सक्षम बनाएगी। यहां जोर केवल प्रोडक्ट बेचने पर नहीं, बल्कि जीवन के अलग-अलग चरणों में सही वित्तीय निर्णय लेने में सहयोग देने पर है।

एसेटप्लस के को-फाउंडर और सीटीओ अवनीश राज ने कहा,

“बड़े स्तर पर फंड मैनेजमेंट भरोसे और स्थिरता पर आधारित होता है। हम ऐसे सिस्टम बना रहे हैं, जो डिस्ट्रीब्यूटर्स का काम आसान करें, ताकि वे ज्यादा समय ग्राहकों के साथ बिता सकें। यह फंडिंग हमें भविष्य के लिए तैयार और मजबूत टेक्नोलॉजी में निवेश का अवसर देगी।”

एसेटप्लस के मॉडल के केंद्र में म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स (एमएफडी) हैं। कंपनी उन्हें केवल बिचौलिया नहीं, बल्कि भारतीय परिवारों का दीर्घकालिक वेल्थ पार्टनर मानती है। प्लेटफॉर्म बैकएंड में ऑपरेशनल और कंप्लायंस की जटिलताओं को संभालता है, जिससे डिस्ट्रीब्यूटर्स भरोसा बनाने और बेहतर सलाह देने पर फोकस कर सकें।

नेक्सस वेंचर पार्टनर्स के पार्टनर आनंद दत्ता ने कहा,

“एसेटप्लस का स्पष्ट विज़न और उसे जमीन पर उतारने की क्षमता हमें बेहद प्रभावित करती है। यह कंपनी असिस्टेड वेल्थ मैनेजमेंट के लिए ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही है, जो भारत के वित्तीय भविष्य के लिए अत्यंत जरूरी है।”

वर्ष 2016 में शुरू हुई एसेटप्लस आज देशभर में 18,000 से अधिक म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ काम कर रही है। प्लेटफॉर्म के माध्यम से 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM), 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की मासिक SIP बुक और 1.5 लाख से अधिक निवेशकों को सेवाएं दी जा रही हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत में निवेश का रुझान अब लेन-देन आधारित मॉडल से हटकर सलाह-आधारित, सिस्टम-ड्रिवन अप्रोच की ओर बढ़ रहा है।

एट रोड्स वेंचर्स की सीनियर पार्टनर श्वेता भाटिया ने कहा,

“भारत में बचत को निवेश में बदलने की प्रक्रिया एक निर्णायक मोड़ पर है। इस बदलाव में म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स की भूमिका बेहद अहम है। एसेटप्लस ने एक मजबूत और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिससे निवेशकों को लक्ष्य-आधारित और दीर्घकालिक निवेश में सहयोग मिलता है।”

टेक्नोलॉजी एसेटप्लस की सबसे बड़ी ताकत है। कंपनी एआई-आधारित फीचर्स पर भी काम कर रही है, जिससे वर्कफ्लो, जोखिम मूल्यांकन और ग्राहक जुड़ाव को और बेहतर बनाया जा सके।

रेनमैटर (जिरोधा) के को-फाउंडर नितिन कामथ ने कहा,

“नए निवेशकों की बढ़ती संख्या के साथ सही मार्गदर्शन और शिक्षा बेहद जरूरी है। एसेटप्लस की टीम ने हमेशा डिस्ट्रीब्यूटर्स को सशक्त बनाने पर फोकस किया है। उनकी दीर्घकालिक सोच ही वजह है कि हम शुरू से उनके साथ हैं और आगे भी समर्थन जारी रखेंगे।”

एसेटप्लस अपनी दीर्घकालिक रणनीति के तहत एसेटप्लस एकेडमी के माध्यम से डिस्ट्रीब्यूटर्स की प्रोफेशनल ट्रेनिंग, सर्टिफिकेशन और कंप्लायंस नॉलेज पर भी काम कर रही है। इसी दिशा में सुंदरम म्यूचुअल फंड के पूर्व एमडी सुनील सुब्रमण्यम को स्ट्रैटेजिक एडवाइज़र के रूप में जोड़ा गया है।

भविष्य में एसेटप्लस का लक्ष्य 10 करोड़ भारतीय परिवारों तक पहुंचना है। टेक्नोलॉजी, प्रशिक्षण और एक समग्र वेल्थ मैनेजमेंट इकोसिस्टम के जरिए कंपनी भारत में वित्तीय समावेशन और घरेलू संपत्ति निर्माण के अगले चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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