“बदलाव हमेशा होता रहता है और समय लोगों को बदलना जानता है” — ‘इत्ती सी खुशी’ में वापसी पर बोले ऋषि सक्सेना

मुंबई, मई 2026: सोनी सब का लोकप्रिय शो ‘इत्ती सी खुशी’ अपनी भावनात्मक कहानी और बदलते रिश्तों के जरिए दर्शकों को लगातार बांधे हुए है। शो में अब एक बड़ा मोड़ देखने को मिला है, जहां इंस्पेक्टर संजय भोसले के किरदार में अभिनेता ऋषि सक्सेना की वापसी हुई है। पहले जहां संजय को गुस्सैल और हिंसक स्वभाव वाले व्यक्ति के रूप में दिखाया गया था, वहीं अब वह बदले हुए और ज्यादा समझदार इंसान के रूप में नजर आ रहे हैं।

अपनी वापसी और किरदार के बदलाव को लेकर ऋषि सक्सेना ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “एक बात जिस पर मैं व्यक्तिगत रूप से विश्वास करता हूँ, वह यह है कि बदलाव हमेशा होता रहता है और समय लोगों को बदलने का अपना तरीका जानता है।”

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किरदार के बदलाव का था इंतजार

संजय के नए अवतार को लेकर ऋषि ने कहा कि वह लंबे समय से इस बदलाव का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया, “मुझे हमेशा लगता था कि यह बदलाव कभी न कभी जरूर आएगा। जब मैं उसके पुराने जटिल और ग्रे शेड्स वाले किरदार को निभा रहा था, तब भी मैंने इस बात का ध्यान रखा कि उसके हर कदम के पीछे कोई वजह हो, ताकि आगे चलकर उसका बदलाव दर्शकों को वास्तविक और भरोसेमंद लगे।”

अंदरूनी बदलाव को दिखाने की कोशिश

अपने किरदार की नई परतों के बारे में बात करते हुए ऋषि ने कहा कि अब संजय चुपचाप अन्विता और विराट की मदद कर रहा है, लेकिन वह दुनिया को यह जाहिर नहीं होने देना चाहता।

उन्होंने कहा, “अंदर से उसे पता है कि वह सही काम कर रहा है, लेकिन बाहर से वह अब भी सामान्य और बेपरवाह दिखता है। मैंने कोशिश की है कि दर्शकों को यह बदलाव बहुत हल्के और सूक्ष्म तरीके से महसूस हो।”

बॉडी लैंग्वेज नहीं, सोच बदली

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने इस बदलाव को दिखाने के लिए अपने अभिनय या बॉडी लैंग्वेज में कोई खास बदलाव किया, तो उन्होंने कहा, “नहीं, वह मूल रूप से वही इंसान है। बस अब उसका नजरिया बदल गया है। इसलिए यह बदलाव ज्यादा मानसिक और भावनात्मक है, न कि बाहरी।”

अहंकार से समझदारी तक का सफर

संजय की मानसिक स्थिति पर बात करते हुए ऋषि ने कहा कि पहले उसके फैसले अहंकार और गुस्से से प्रभावित थे, लेकिन अब वह चीजों को समझदारी से देख रहा है।

उन्होंने कहा, “कुछ समय दूर रहने के बाद उसे सोचने और खुद को समझने का मौका मिला। अब उसे एहसास हो चुका है कि उससे कहाँ गलतियां हुईं। वह अब भी वही इंसान है, लेकिन अब उसके फैसले अहंकार से नहीं बल्कि समझदारी से निकलते हैं।”

संजय की यह बदली हुई वापसी अब अन्विता की जिंदगी और पूरी कहानी में क्या नया मोड़ लेकर आएगी, यह आने वाले एपिसोड्स में देखने को मिलेगा।

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