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विकास की रफ्तार
रेलवे के क्षेत्र में देश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शुक्रवार को दिल्ली-मेरठ रैपिडेक्स ‘नमो भारत’ सेमी हाई स्पीड ट्रेन का परिचालन शुरू हुआ। साथ ही बेंगलुरू में मेट्रो की दो लाइनों को भी देश को समर्पित किया गया है। देश की पहली सेमी हाई स्पीड रीजनल रेल सेवा के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा नमो भारत ट्रेन, नए भारत के नए सफर और नए संकल्पों को परिभाषित कर रही है।
पहले चरण में यह सेवा दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के दुहाई-साहिबाबाद खंड (17 किलोमीटर) में 21 अक्टूबर से आम जनता के लिए शुरू हो जाएगी जिसके साथ विश्व में लेवल 3 ईटीसीएस (यूरोपीय ट्रेन नियंत्रण प्रणाली) की शुरुआत भी हुई है। ध्यान रहे देश में जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है, उसमें नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। देश में डिजाइन और निर्मित की गई रैपिडेक्स के लिए इंजीनियरिंग, विनिर्माण और सिग्नलिंग का संपूर्ण कार्य देश में किया गया है जिससे आत्मनिर्भर भारत की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।
इन ट्रेनों से यात्रा की लागत और समय बचाने में मदद मिलेगी तथा उपनगरीय स्थानों को क्षेत्र के आर्थिक केंद्र से जोड़कर लाखों नागरिकों के जीवन में परिवर्तन लाया जा सकेगा। बदलते भारत में बहुत जरूरी है कि देशवासियों का जीवन स्तर सुधरे।
लोग अच्छी हवा में सांस लें, यातायात के अच्छे साधन हों, पढ़ाई के लिए अच्छे शिक्षा संस्थान हों, इलाज की बेहतर व्यवस्था हो। सरकार इस सब पर विशेष जोर दे रही है। भारतीय रेल सौ प्रतिशत बिजलीकरण के लक्ष्य से बहुत दूर नहीं है। नमो भारत शुरू होने से पहले वंदे भारत के रूप में आधुनिक ट्रेनें देश को मिली।
अमृत भारत स्टेशन अभियान के तहत देश के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने का काम भी चल रहा है। अमृत भारत, वंदे भारत और नमो भारत दशक के अंत तक भारतीय रेल के आधुनिकीकरण का प्रतीक बन जाएगी। कहा जा सकता है कि इस शताब्दी का ये तीसरा दशक भारतीय रेल के कायाकल्प होने का दशक है। उम्मीद की जा सकती है कि भारतीय रेल पूरी दुनिया में एक नया मुकाम हासिल करेगी।
