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बिहार में 150 करोड़ की नेत्र चिकित्सा पहल शुरू, गौतम अदाणी ने देशभर के लिए 500 करोड़ का किया संकल्प
मस्तीचक (बिहार)। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बिहार में 150 करोड़ रुपये की बड़ी नेत्र स्वास्थ्य सेवा परियोजना की शुरुआत की है। ‘सेवा ही साधना है’ के मूलमंत्र से प्रेरित इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती और बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर गौतम अदाणी ने कहा कि किसी व्यक्ति की आंखों की रोशनी लौटाना केवल इलाज नहीं, बल्कि उसके जीवन में उम्मीद, आत्मविश्वास और सम्मान लौटाने जैसा है। उन्होंने कहा कि बिहार हमेशा से देश को नई चेतना देने वाली भूमि रही है और यह पहल उसी सेवा भावना का विस्तार है।
अदाणी समूह की सीएसआर इकाई अदाणी फाउंडेशन, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के सहयोग से मस्तीचक में ‘अदाणी सेंटर फॉर आई’ (ACE) और ‘अदाणी ट्रेनिंग इन ऑप्थैल्मिक मेडिसिन’ (ATOM) की स्थापना करेगा। इसके तहत 10 एंबुलेंस भी ग्रामीण इलाकों में नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के लिए रवाना की गईं।

ACE अस्पताल में आम लोगों को सस्ती और बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा मिलेगी, जबकि ATOM केंद्र में डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और सामुदायिक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यह साझेदारी केवल अस्पताल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि वंचित लोगों के जीवन में उम्मीद और सम्मान लौटाने का साझा प्रयास है।
इसके अलावा अदाणी फाउंडेशन और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल ने बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती में 200 बेड वाले अस्पताल की स्थापना की भी घोषणा की है।
गौतम अदाणी ने कहा कि यह पहल केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश नहीं, बल्कि सेवा और मानवता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2022 में अपने 60वें जन्मदिन पर उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के लिए 60,000 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी, जबकि पिछले वर्ष अपने पुत्र जीत अदाणी के विवाह अवसर पर 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रतिबद्धता जताई थी।
अदाणी समूह बिहार में लगभग 40,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ राज्य के बड़े निजी निवेशकों में शामिल है। इसमें 2,400 मेगावाट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट, सिटी गैस वितरण नेटवर्क, स्मार्ट मीटर परियोजना और सीमेंट ग्राइंडिंग इकाइयों का विस्तार शामिल है।
वर्ष 2005 में 30 बेड वाले अस्पताल के रूप में शुरू हुआ अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल आज देश के प्रमुख नेत्र चिकित्सा संस्थानों में शामिल हो चुका है। अब तक यहां 14 लाख से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी लौटाई जा चुकी है।
