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IIT से इंजीनियर बना कथित 'आध्यात्मिक गुरु', दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तारी के बाद बढ़ा जांच का दायरा
मथुरा। IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद आध्यात्मिक प्रवचन के क्षेत्र में सक्रिय हुए अभिषेक मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किए गए अभिषेक मिश्रा पर युवतियों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर अपने प्रभाव में लेने और उनका विश्वास जीतकर कथित रूप से शोषण करने के आरोप लगे हैं। पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से युवाओं से जुड़ता था। धार्मिक चर्चा, आत्मिक शांति और जीवन के उद्देश्य जैसे विषयों पर बातचीत कर वह लोगों का विश्वास हासिल करता था। जांच में सामने आया है कि उसके संपर्क में आने वाली कई युवतियां इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा से जुड़ी थीं तथा उच्च शिक्षित परिवारों से थीं।
गंधर्व विवाह का दावा कर संबंध बनाने का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप एक पीड़िता के बयान के बाद सामने आया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया कि अभिषेक मिश्रा युवतियों को यह कहकर भ्रमित करता था कि उनका 'गंधर्व विवाह' हो चुका है। इसी आधार पर वह कथित रूप से शारीरिक संबंध बनाता था। पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस तरह की घटनाएं केवल एक पीड़िता तक सीमित थीं या अन्य युवतियां भी इसी प्रकार के कथित भ्रम और दबाव का शिकार हुईं।
पहले भी सामने आए थे विवाद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार करीब छह महीने पहले भी एक परिवार अपनी बेटी को वहां से वापस ले जाने पहुंचा था, जिसके दौरान विवाद की स्थिति बनी थी। हालांकि उस समय मामला आगे नहीं बढ़ पाया। अब जांच एजेंसियां उस घटना को भी मौजूदा मामले से जोड़कर देख रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक समय वहां करीब दो दर्जन युवक-युवतियां मौजूद थीं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वे वहां किस उद्देश्य से रह रहे थे और बाद में अधिकांश लोग वहां से क्यों चले गए।
आर्थिक लेन-देन की भी जांच
मामले की जांच केवल दुष्कर्म के आरोपों तक सीमित नहीं है। पुलिस को ऐसी जानकारी भी मिली है कि समूह में रहने वाले कुछ लोगों से उनके परिवारों के माध्यम से धन मंगवाया जाता था। आरोप है कि भावनात्मक दबाव बनाकर आर्थिक सहायता ली जाती थी। इस संबंध में बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
फोटो और वीडियो भी जांच के दायरे में
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान कुछ फोटो और वीडियो भी सामने आए हैं। परिजनों द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री में आरोपी कुछ युवतियों के साथ अंतरंग स्थिति में दिखाई देने का दावा किया गया है। हालांकि इन सामग्रियों की फोरेंसिक जांच और सत्यापन अभी जारी है। पुलिस इन्हें संभावित साक्ष्य के रूप में परख रही है।
परामर्श और काउंसलिंग जारी
पुलिस कार्रवाई के दौरान वहां से दो युवतियों और एक युवक को बरामद किया गया था। बाद में उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार सभी की काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें। इस कार्य में विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं की सहायता भी ली जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
