20% कमीशन मांगने के आरोप में BEO निलंबित, महिला प्रधानाध्यापिका के उत्पीड़न की होगी जांच

कन्नौज। विकास खंड सौरिख में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) विश्वनाथ पाठक को भ्रष्टाचार, महिला शिक्षिका के उत्पीड़न और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय छवि धूमिल करने तथा कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन के आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय, कानपुर मंडल से संबद्ध किया गया है।

मामले की शुरुआत प्राथमिक विद्यालय पिपरिया, सौरिख की प्रधानाध्यापिका कल्पना पाल द्वारा 24 अप्रैल 2026 को उच्चाधिकारियों को दिए गए शपथपत्रयुक्त शिकायत पत्र से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दिसंबर 2025 में विद्यालय के मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृत 4.62 लाख रुपये की धनराशि जारी कराने और भुगतान प्रक्रिया पूरी कराने के बदले बीईओ द्वारा 20 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही थी।

प्रधानाध्यापिका का आरोप है कि रिश्वत देने से इनकार करने पर उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत के अनुसार 25 मार्च 2026 को बीईओ एक शिक्षामित्र के साथ विद्यालय पहुंचे और निरीक्षण के दौरान कथित रूप से कहा कि जब तक रुपये नहीं दिए जाएंगे, तब तक इसी तरह परेशान किया जाएगा और कार्य में कमियां निकाली जाती रहेंगी।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि बीईओ ने प्रधानाध्यापिका की चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) चार बार निरस्त की। साथ ही 22 अप्रैल 2026 को टीम के साथ विद्यालय पहुंचकर निलंबन की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

विद्यालय संचालन में लापरवाही के आरोप भी शिकायत का हिस्सा हैं। बताया गया कि नवंबर 2025 और फरवरी 2026 में प्रधानाध्यापिका तथा सहायक अध्यापक के अवकाश पर रहने के दौरान विद्यालय संचालन के लिए किसी वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ।

शिक्षा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 7 मई 2026 को बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा था। 16 मई को प्रस्तुत उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर पाए जाने पर 29 मई 2026 को उन्हें निलंबित कर दिया गया।

पूरे प्रकरण की जांच मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, कानपुर मंडल को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि, बीईओ विश्वनाथ पाठक ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है।

गौरतलब है कि इससे पहले तालग्राम के खंड शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र चौधरी को भी बिना मान्यता संचालित विद्यालय को संरक्षण देने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना सहित अन्य आरोपों में 8 मई 2026 को निलंबित किया जा चुका है। एक माह के भीतर जिले के दो बीईओ पर हुई कार्रवाई बेसिक शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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