Basti News: सरयू नदी का जलस्तर स्थिर, लेकिन एक दर्जन गांवों पर मंडरा रहा कटान का खतरा

बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में सरयू नदी का जलस्तर भले ही फिलहाल स्थिर है, लेकिन उसका कटावकारी रुख अब ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रहा है। केन्द्रीय जल आयोग, अयोध्या के अनुसार, रविवार को सरयू नदी का जलस्तर 92.730 मीटर के खतरे के निशान से नीचे बना रहा और बीते 24 घंटे से इसमें कोई विशेष बदलाव नहीं आया है। हालांकि, नदी की दिशा अब कटान की ओर बढ़ रही है, जिससे क्षेत्र के लगभग एक दर्जन गांवों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है।

सरयू नदी के किनारे बसे बिसुन्दासपुर, सुबिकाबाबू, कल्याणपुर, भरथापुर, पड़ाव, संदलपुर, शंभुपुर और नरसिंहपुर जैसे गांवों में कटान की वजह से दहशत का माहौल है। संदलपुर गांव के पास तो नदी का पानी गांव से सटकर बह रहा है और धीरे-धीरे कटान तेज करता जा रहा है। हालात को देखते हुए बाढ़ खंड विभाग द्वारा निरंतर बचाव कार्य कराया जा रहा है, जिसमें संदलपुर, सरवरपुर और कन्हईपुर गांवों को बचाने के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षा कार्य किए जा रहे हैं।

कटान रोकने को बोल्डर का सहारा

विकास खंड कुदरहा के मईपुर के बड़का पुरवा और मदरहवा पुरवा के पास भी सरयू नदी का पानी पहुंच चुका है। यहां बोल्डर पिचिंग के माध्यम से कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं गौरा-सैफाबाद तटबंध पर चल रहे मरम्मत कार्यों में तेजी लाई गई है। पारा गांव के सामने निर्माणाधीन कटर पर बोल्डर बिछाने का काम तेज गति से चल रहा है, जिसके लिए अधिक संख्या में मजदूरों को लगाया गया है।

प्रशासन सतर्क, तैयारियां पूरी

जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने बताया कि फिलहाल सरयू का जलस्तर स्थिर है, लेकिन प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कटान रोकने के कार्यों में कोई ढिलाई न हो और समय-समय पर इन कार्यों का निरीक्षण उच्च अधिकारियों द्वारा कराया जाए।

इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों से संपर्क कर आवश्यकतानुसार राहत सामग्री, साधन और जरूरी वस्तुएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मौसम विभाग ने जताई भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं सोमवार से शुक्रवार तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। यदि बारिश ज्यादा होती है तो सरयू नदी का जलस्तर फिर से तेजी से बढ़ सकता है, जिससे हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।

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