बलिया में टीईटी के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन, बीएसए कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक निकाला जुलूस

बलिया। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में गुरुवार को जिले के शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ और महिला शिक्षक संघ के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय परिसर में विशाल धरना दिया और बाद में जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।

सुबह से ही जिले के सभी ब्लॉकों से शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचने लगे, जिससे परिसर धरना स्थल में तब्दील हो गया। धरना सभा के बाद शिक्षकों ने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जुलूस निकाला। इस दौरान ‘टीईटी अनिवार्यता समाप्त करो’ और ‘शिक्षक एकता जिंदाबाद’ जैसे नारों से सड़कें गूंजती रहीं। जुलूस के समापन पर शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।

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धरना सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम जुलाई 2011 से लागू हुआ है, इसलिए इस तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून का प्रभाव पूर्व में की गई वैध नियुक्तियों पर नहीं पड़ता। 2011 से पहले सभी निर्धारित मानकों को पूरा कर नियुक्त किए गए शिक्षकों को टीईटी से छूट दी जानी चाहिए।

वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना सभा को अजीत प्रताप यादव, रफिउल्लाह, किरण भारती, माया राय, शिक्षामित्र संघ के अध्यक्ष पंकज सिंह, अजय मिश्र, जितेंद्र प्रताप सिंह, अरुण पाण्डेय सहित अनेक शिक्षक नेताओं ने संबोधित किया।

धरने को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष वेद पाण्डेय ने भी समर्थन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने की, जबकि संचालन जिलामंत्री डॉ. राजेश पाण्डेय ने किया।

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