इंदौर में डॉक्टर पर दंपत्ति को बंधक बनाने, दुष्कर्म और नवजात बच्चा छीनने का आरोप

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक निजी अस्पताल से जुड़े डॉक्टर पर एक दंपत्ति को आठ महीने तक बंधक बनाए रखने, महिला से दुष्कर्म करने और डिलीवरी के बाद नवजात शिशु को जबरन ले जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। महिला थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित दंपत्ति के अनुसार, प्रेम विवाह के बाद वे कर्ज में फंस गए थे। इसी दौरान एक परिचित के माध्यम से उनकी मुलाकात एक डॉक्टर से हुई, जिसने खुद को आईवीएफ और सरोगेसी विशेषज्ञ बताते हुए कर्ज निपटाने में मदद का आश्वासन दिया। आरोप है कि डॉक्टर ने दंपत्ति से आधार कार्ड की प्रतियां और कोरे स्टाम्प पेपर लेकर उन्हें अपने नियंत्रण में ले लिया।

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दंपत्ति का आरोप है कि डॉक्टर ने महिला का कई बार आईवीएफ कराया, लेकिन असफल रहने के बाद उसने महिला को नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। इसके बाद दंपत्ति को एक फ्लैट में रखा गया, जहां कथित रूप से सीसीटीवी कैमरों के जरिए उनकी निगरानी की जाती थी।

पीड़िता के मुताबिक, उसने इंदौर के एक निजी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया। आरोप है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद डॉक्टर और उसके साथियों ने नवजात बच्चे को जबरन अपने कब्जे में ले लिया। विरोध करने पर दंपत्ति को जान से मारने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई।

पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि बच्चे से जुड़े फर्जी दस्तावेज, जिनमें मृत्यु प्रमाण पत्र शामिल है, तैयार कराए गए हैं। दंपत्ति को आशंका है कि आरोपी डॉक्टर बच्चे को लेकर देश से बाहर जा सकता है।

महिला थाना पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। पीड़िता और नवजात की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल आरोपी डॉक्टर की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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