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सोनी सब के ‘गणेश कार्तिकेय’ में भावनात्मक क्षण: देवी सती–भगवान शिव के विवाह में भगवान ब्रह्मा ने निभाई कन्यादान की परंपरा
मुंबई, फरवरी 2026: सोनी सब का पौराणिक धारावाहिक ‘गणेश कार्तिकेय’ दर्शकों को एक अत्यंत भावनात्मक और अर्थपूर्ण अध्याय से रूबरू करा रहा है। कथा में वह दिव्य क्षण आता है, जब देवी सती (श्रेनु पारिख) कैलाश पहुँचती हैं और भगवान शिव (अविनेश रेखी) उन्हें पूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता के साथ अपनाते हैं। इसी के साथ उनके पवित्र विवाह की मंगल रस्मों का आरंभ होता है।
हालाँकि, जब सांसारिक रिश्ते पीछे हटते हैं, तब पूरा ब्रह्मांड साथ खड़ा होता है। देवगण कैलाश पहुँचते हैं, प्रकृति उल्लास से भर उठती है और कैलाश पर्वत दिव्य उत्सव का साक्षी बनता है। इसी भावुक क्षण में भगवान ब्रह्मा (राधा कृष्ण दत्ता) आगे बढ़कर देवी सती का कन्यादान करते हैं। यह दृश्य न केवल परंपरा का निर्वहन करता है, बल्कि एक गहरा संदेश भी देता है—परिवार रक्त से नहीं, प्रेम और स्वीकार्यता से बनता है। जब सच्चे हृदय साथ हों, तब पवित्र संस्कार स्वयं अपना मार्ग खोज लेते हैं।
देवी सती की भूमिका निभा रहीं श्रेनु पारिख ने इस अनुभव को साझा करते हुए कहा,
“यह ट्रैक मुझे मेरी अपेक्षा से कहीं अधिक भीतर तक छू गया। देवी सती को निभाने के लिए मुझे खुद को भीतर से बहुत शांत करना पड़ा। इन दृश्यों में भावनाएँ ज़ोर से व्यक्त नहीं होतीं, बल्कि आँखों और स्थिरता में बसती हैं। बाहर मुस्कान और भीतर हल्का सा बोझ—इस विरोधाभास को महसूस करना मेरे लिए बहुत वास्तविक था। कई बार शॉट के बाद मैं तुरंत उस भाव से बाहर नहीं आ पाई। यह किरदार और यह अनुभव मेरे लिए बेहद निजी और खास रहा।”
भगवान शिव और देवी सती का यह विवाह केवल दो आत्माओं का मिलन नहीं, बल्कि यह जीवन का वह सत्य उजागर करता है, जहाँ गरिमा अहंकार से ऊपर होती है और प्रेम स्वयं अपने रक्षक चुन लेता है।
देखिए ‘गणेश कार्तिकेय’, हर सोमवार से शनिवार रात 8 बजे, केवल सोनी सब पर।
