मर्यादा एवं आदर्श के प्रतीक हैं प्रभु श्रीराम: बब्बन विद्यार्थी

बलिया, प्रभु श्रीराम मानव जीवन के लिए तप, त्याग, विनम्रता और प्रेम के साथ-साथ मर्यादा एवं आदर्श के प्रतीक हैं। उन्हें केवल व्यक्ति या शासक के रूप में देखना उनके स्वरूप को सीमित करना है। यह बातें सामाजिक चिंतक बब्बन विद्यार्थी ने अखार ढाला स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।

उन्होंने कहा कि भगवान राम को मानने का वास्तविक अर्थ उनके आदर्शों और उपदेशों को अपने जीवन में उतारना है। जब तक व्यक्ति अपने भीतर के ‘रावण’ को नहीं जीतता, तब तक राम का नाम लेना सार्थक नहीं हो सकता।

यह भी पढ़े - बलिया: पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि अशोक यादव का निधन

बब्बन विद्यार्थी ने कहा कि यदि भगवान को प्रसन्न करना है तो उनके बनाए हुए मानव से प्रेम करना होगा, क्योंकि जीवन का मूल प्रेम और विनम्रता है। उन्होंने कहा कि यदि समाज प्रेम को समझ ले, तो विवाद, कटुता, हिंसा और अपराध स्वतः समाप्त हो सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सभी धर्मों का सार प्रेम है। यदि प्रेम हमारा धर्म है तो इंसानियत हमारा ईमान है। धर्म और ईमान दोनों ही जीवन को उन्नति की ओर ले जाने वाली सीढ़ियां हैं।

इस अवसर पर विश्वनाथ पांडेय, नितेश पाठक, डॉ. सुरेश चंद्र, बच्चन जी प्रसाद और संजय जायसवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

खबरें और भी हैं

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.