बलिया पुलिस का OPERATION CONVICTION : अपहरण कर नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 10 वर्ष का कारावास

Ballia News : पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाये जा रहे अभियान OPERATION CONVICTION के अन्तर्गत पुलिस अधीक्षक बलिया के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन शाखा की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप दुष्कर्म से संबंधित अभियुक्त को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 65 हजार रुपये अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, एक अभियुक्त मनोज बिंद के फरार हो जाने के कारण न्यायालय ने उसकी पत्रावली अलग कर दी है।

वादी मुकदमा ने आरोप लगाया था कि दो दिसंबर 2015 को उसकी 15 वर्षीय पुत्री पढ़ने के लिए बांसडीह गई थी। उसे मनोज बिंद पुत्र कृष्ण और अखिलेश बिंद पुत्र श्यामजी बहला फुसलाकर कर भगा ले गए। इसकी एफआईआर बांसडीह थाने में दर्ज कराई गई।विवेचना के दौरान अभियुक्त के खिलाफ नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन की तरफ से दिनेश कुमार सिंह विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद अभियुक्त अखिलेश बिंद के खिलाफ दोष सिद्ध पाया और उक्त सजा सुनाई।

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धारा 376 भादवि में दोषसिद्ध पाते हुए अभियुक्त को 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 50 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा न करने पर अभियुक्त को 06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। 

धारा 366 भादवि में दोषसिद्ध पाते हुए अभियुक्त को 07 वर्ष का सश्रम कारावास व 10 दस हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा न करने पर अभियुक्तगणों को 06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

धारा 363 भादवि में दोषसिद्ध पाते हुए अभियुक्त को 05 वर्ष का सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा न करने पर अभियुक्तगणों को 06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। 

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