आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का रिकॉर्ड प्रदर्शन, पहली तिमाही में 132% बढ़ा मुनाफा

मुंबई। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक का कर पश्चात लाभ (PAT) बढ़कर ₹1,075 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹463 करोड़ की तुलना में 132.4 प्रतिशत अधिक है। यह बैंक के इतिहास का अब तक का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा है।

बैंक का कुल ग्राहक कारोबार (लोन और जमा) बढ़कर ₹6.05 लाख करोड़ पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 18.6 प्रतिशत अधिक है। वहीं, लोन एवं एडवांस में 20.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹3.05 लाख करोड़ तक पहुंच गया। दूसरी ओर, ग्राहक जमा राशि बढ़कर ₹2.99 लाख करोड़ हो गई, जिसमें 16.6 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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बैंक की CASA जमा राशि बढ़कर ₹1.58 लाख करोड़ हो गई, जबकि CASA अनुपात बढ़कर 50.8 प्रतिशत पर पहुंच गया, जो मजबूत कम लागत वाली जमा को दर्शाता है।

एसेट क्वालिटी में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। बैंक का ग्रॉस एनपीए घटकर 1.51 प्रतिशत और नेट एनपीए घटकर 0.44 प्रतिशत रह गया। रिटेल, कृषि और एमएसएमई (RAM) पोर्टफोलियो में भी एनपीए में सुधार दर्ज किया गया।

लाभप्रदता के मोर्चे पर बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बढ़कर 5.96 प्रतिशत हो गया। वहीं, कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो घटकर 70.7 प्रतिशत पर आ गया, जिससे परिचालन दक्षता में सुधार का संकेत मिला। बैंक ने संभावित जोखिमों को देखते हुए ₹515 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान भी किया है।

बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 15.05 प्रतिशत और सीईटी-1 रेशियो 13.33 प्रतिशत रहा, जो मजबूत पूंजी स्थिति को दर्शाता है।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के एमडी एवं सीईओ वी. वैद्यनाथन ने कहा कि बैंक का मुख्य उद्देश्य बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस के साथ एक मजबूत और उच्च गुणवत्ता वाला बैंक बनाना है। उन्होंने कहा कि एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार, घटते एनपीए और मजबूत कारोबारी वृद्धि का सकारात्मक असर बैंक के प्रदर्शन में दिखाई दे रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि बैंक को मजबूत बनाने के लिए किए गए निवेश का लाभ अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगा है।

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