बलिया में फर्जी आदेशों से जमीन हड़पने का खुलासा, तहसील कर्मी समेत दो पर मुकदमा दर्ज

बलिया: सदर तहसील क्षेत्र के बजहां गांव में फर्जी और कूटरचित नामांतरण आदेशों के जरिए जमीन पर अवैध कब्जा और विक्रय किए जाने का मामला सामने आने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार सदर अतुल हर्ष की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने तहसील कर्मी समेत दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, बजहां गांव निवासी अक्षयवर नाथ तिवारी पुत्र रघुवंश तिवारी और तत्कालीन अहलमद, न्यायालय तहसीलदार सदर बलिया शाहिद खां पर फर्जी नामांतरण आदेश तैयार करने, छल-कपट करने और महत्वपूर्ण पत्रावलियां गायब करने के आरोप हैं। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।

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यह मामला तब सामने आया जब बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के बजहां गांव के रहने वाले नर्वदेश्वर तिवारी, शिवानन्द यादव, राजकुमार यादव और कृपाशंकर तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई। सभी शिकायतें एक ही व्यक्ति के खिलाफ थीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि तहसील कर्मियों की मिलीभगत से बड़े स्तर पर फर्जी नामांतरण और अभिलेखों को गायब करने का खेल चल रहा था।

प्रकरण की जांच के लिए सहायक अभिलेख अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार और नायब तहसीलदार सदर भोला शंकर राय की संयुक्त जांच समिति गठित की गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं के आरोप सही पाए गए। समिति की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अक्षयवर नाथ तिवारी और शाहिद खां ने मिलकर फर्जी व कूटरचित नामांतरण आदेश तैयार किए, धोखाधड़ी की और संबंधित पत्रावलियां जानबूझकर गायब कीं। जांच में यह भी सामने आया कि गायब की गई पत्रावलियों के कस्टोडियन शाहिद खां ही थे।

जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में तहसीलदार सदर ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।

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