Ballia News: ऑनलाइन हाजिरी में ‘खेल’ उजागर, दोषियों से रिकवरी के निर्देश

बलिया: मनरेगा में ऑनलाइन हाजिरी को लेकर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मामला सामने आने के बाद प्रभारी डिप्टी कमिश्नर (मनरेगा) ओपी यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ एसओपी के तहत रिकवरी की कार्रवाई करने और तीन दिन के भीतर आख्या भेजने के निर्देश संबंधित खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को दिए हैं। डीसी की इस कार्रवाई से ब्लॉक से लेकर पंचायत स्तर तक हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार मनियर, बांसडीह, बेलहरी और दुबहड़ ब्लॉकों की पंचायतों में मनरेगा मजदूरों की एनएमएमएस ऐप (ऑनलाइन हाजिरी) से भेजी गई उपस्थिति की जांच के दौरान गड़बड़ियां पकड़ी गईं। जांच में पाया गया कि कार्यस्थल से भेजी गई हाजिरी, फोटो और रिपोर्ट में कई खामियां हैं।

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मनियर ब्लॉक के हथौज पंचायत में आरआरसी सेंटर पर मिट्टी कार्य, बांसडीह ब्लॉक के खरौली गांव में काशीनाथ के ट्यूबवेल से शिवमुनी वर्मा के खेत तक चकबंध कार्य, बेलहरी ब्लॉक के बघउच पंचायत में हरिकेश्वर सिंह के घर से रोजराम के घर तक इंटरलाकिंग व साइडवाल निर्माण तथा दुबहड़ ब्लॉक के सरांक पंचायत में सुरेंद्र सिंह के घर से रामराज के घर तक पेवर्स ब्लॉक कार्य के दौरान 23 जनवरी को एनएमएमएस ऐप से भेजी गई हाजिरी की जांच में अनियमितताएं सामने आईं।

जांच में महिला-पुरुष श्रमिकों के फोटो में अंतर, एक ही फोटो से अलग-अलग हाजिरी भेजने, फोटो खींचने और अपलोड करने में नियमों की अनदेखी तथा पंचायत स्तर के मनरेगा कार्मिकों की मिलीभगत से वित्तीय गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। इन गंभीर खामियों को देखते हुए डीसी मनरेगा ने संबंधित बीडीओ को विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि सरकार ने फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के उद्देश्य से ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था लागू की थी, लेकिन अब प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायकों की मिलीभगत से मनरेगा योजना में गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं। सूत्रों के अनुसार यदि निष्पक्ष जांच की जाए, तो जिले की अधिकांश पंचायतों में इस तरह का ‘खेल’ उजागर हो सकता है।

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