नीति आयोग–एनआईआईटी फाउंडेशन की साझेदारी, एस्पिरेशनल ब्लॉक्स में 1.2 लाख लाभार्थियों को बनाया जाएगा सशक्त

नई दिल्ली, जनवरी 2026: नीति आयोग और एनआईआईटी फाउंडेशन ने जमीनी स्तर पर विकास को गति देने के उद्देश्य से एक अहम पहल करते हुए हाल ही में स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट (एसओआई) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के तहत भारत के एस्पिरेशनल ब्लॉक्स में डिजिटल क्षमता, वित्तीय समावेशन और रोजगार योग्य कौशल को मजबूत करने के लिए लक्षित हस्तक्षेप किए जाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य 100 प्रतिशत ब्लॉक-स्तरीय कवरेज हासिल करना, लगभग 1.2 लाख लाभार्थियों तक पहुंच बनाना और महिलाओं की करीब 40 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करना है। यह कदम सरकार के समावेशी और सतत विकास के विज़न के अनुरूप है।

यह भी पढ़े - गणतंत्र दिवस पर दिल्ली पुलिस की हाईटेक तैयारी, AI से लैस स्मार्ट चश्मों से होगी संदिग्धों की पहचान

एसओआई पर हस्ताक्षर के अवसर पर नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री बी. वी. आर. सुब्रमण्यम, नीति आयोग के अपर सचिव एवं एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम (एडीपी) और एस्पिरेशनल ब्लॉक्स प्रोग्राम (एबीपी) के मिशन डायरेक्टर श्री रोहित कुमार तथा एडीपी/एबीपी के अतिरिक्त मिशन डायरेक्टर डॉ. महेंद्र कुमार उपस्थित रहे। वहीं, एनआईआईटी फाउंडेशन की ओर से कंट्री डायरेक्टर डॉ. चारू कपूर, ऑपरेशन डायरेक्टर अमर गुप्ता और नेशनल प्रोग्राम हेड (स्किल एंड एजुकेशन) अखिलेश शर्मा भी मौजूद थे।

इस मौके पर नीति आयोग के सीईओ श्री बी. वी. आर. सुब्रमण्यम ने कहा कि यह साझेदारी सशक्त और आत्मनिर्भर एस्पिरेशनल ब्लॉक्स के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश के समग्र विकास के लिए एक प्रमुख फोकस एरिया है।

एडीपी और एबीपी के मिशन डायरेक्टर श्री रोहित कुमार ने कार्यक्रम के समावेशी स्वरूप पर जोर देते हुए कहा कि इसकी व्यापक पहुंच और महिलाओं की भागीदारी को दिया गया प्रोत्साहन इन ब्लॉक्स में बुनियादी और सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होगा।

यह साझेदारी मुख्य रूप से डिजिटल साक्षरता, वित्तीय समावेशन, रोजगारोन्मुख कौशल विकास और समुदाय आधारित शिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन पर केंद्रित होगी। इन पहलों को चुनिंदा एस्पिरेशनल ब्लॉक्स में लागू किया जाएगा, ताकि स्थानीय समुदायों के भीतर सीखने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिले और योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित हो सके।

एनआईआईटी फाउंडेशन प्रशिक्षित मोबिलाइज़र और ट्रेनर्स के माध्यम से जमीनी स्तर पर कार्यक्रमों का संचालन करेगा। इसके साथ ही कम्युनिटी फैसिलिटेटर्स, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के नेताओं और पीयर एजुकेटर्स की क्षमता का भी विकास किया जाएगा। यह क्षमता निर्माण मॉडल इस तरह तैयार किया गया है कि कार्यक्रम की अवधि समाप्त होने के बाद भी इसके सकारात्मक परिणाम लंबे समय तक बने रहें।

एनआईआईटी फाउंडेशन की कंट्री डायरेक्टर डॉ. चारू कपूर ने कहा कि संस्था भारत की डिजिटल प्रगति की यात्रा में सक्रिय योगदान देने और कार्यक्रम के स्थायी प्रभाव को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के साथ यह साझेदारी यह सुनिश्चित करती है कि योजनाओं का लाभ सही और जरूरतमंद लाभार्थियों तक पहुंचे।

इस साझेदारी के माध्यम से नीति आयोग और एनआईआईटी फाउंडेशन मजबूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार एस्पिरेशनल ब्लॉक्स को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेंगे, जो बेहतर विकास संकेतकों के साथ-साथ भारत के व्यापक डिजिटल विकास और समावेशन एजेंडा को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

खबरें और भी हैं

Latest News

UP News: खराब प्रदर्शन करने वाले 20 जिलों को नोटिस, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश UP News: खराब प्रदर्शन करने वाले 20 जिलों को नोटिस, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
लखनऊ: फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए...
मैराथन धावकों के लिए जगह-जगह सक्रिय रहा बीसीडीए
बलिया की पत्रकारिता जगत को गहरा आघात, वरिष्ठ पत्रकार ‘प्रमोद बाबा’ का निधन
Ballia Marathon: फुल मैराथन में इथोपिया के फिरोनिशा विजेता, हाफ मैराथन में पंकज ने मारी बाज़ी 10 किमी में प्रिंस राज मिश्र और 5 किमी दौड़ में सोनी रहीं अव्वल
मैराथन के खास सितारे बने बलिया के ये दो धावक, परिवहन मंत्री ने ऐसे बढ़ाया उत्साह
Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.