बलिया में दो सीडीपीओ समेत आठ कर्मचारी अनुपस्थित, वेतन पर रोक

बलिया: जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) केएम पांडेय ने गुरुवार को दो ब्लॉकों के बाल विकास परियोजना कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें दो सीडीपीओ समेत कुल आठ कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। लापरवाही पर डीपीओ ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।

डीपीओ सुबह करीब 10.30 बजे बाल विकास परियोजना कार्यालय नगरा पहुंचे और उपस्थिति पंजिका की जांच की। निरीक्षण में प्रभारी सीडीपीओ (मुख्य सेविका) अर्चना गुप्ता, कनिष्ठ सहायक सुधा देवी तथा मुख्य सेविकाएं सोनी गुप्ता, शशिकला चौहान, अनिशा चन्द्रेश्वरन और विशाखा सिंह अनुपस्थित पाई गईं। वहीं प्रधान सहायक चितरंजन प्रसाद और कान्ती वर्मा, मुख्य सेविका रेनू तथा पत्रवाहक सुजीत सिंह कार्यालय में उपस्थित मिले।

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प्रभारी सीडीपीओ के अनुपस्थित रहने के कारण परियोजना से जुड़े विभागीय कार्यों और प्रगति की जानकारी नहीं मिल सकी। डीपीओ ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाने का निर्देश दिया।

इसके बाद डीपीओ सुबह करीब 11.30 बजे बाल विकास परियोजना कार्यालय रसड़ा पहुंचे, जहां सीडीपीओ विशाल कुमार यादव अनुपस्थित पाए गए। कर्मचारियों ने बताया कि सीडीपीओ पिछले तीन दिनों से कार्यालय नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा कार्यालय की कर्मचारी रचना त्रिपाठी और प्रियंका यादव की उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर थे, लेकिन वे मौके पर मौजूद नहीं थीं। मुख्य सेविका नीलम सिंह भी कार्यालय से अनुपस्थित पाई गईं।

यहां भी सीडीपीओ के नहीं होने के कारण परियोजना की प्रगति संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी। डीपीओ ने पूरे मामले से मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ओजस्वी राज को अवगत कराया। सीडीओ ने निर्देश दिया कि बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित सीडीपीओ का वेतन जारी न किया जाए।

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