बलिया सदर तहसील में डीएम का औचक निरीक्षण, नायब तहसीलदार से जवाब तलब; कई अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

बलिया: जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गुरुवार को सदर तहसील का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर में साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव, बिजली व्यवस्था, पार्किंग, न्यायालय कक्षों और विभिन्न कार्यालयों की व्यवस्थाओं में कई खामियां पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई और समयबद्ध सुधार के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में गंदगी मिलने पर नाजिर को चेतावनी दी और बिजली विभाग को लटके तारों को व्यवस्थित करने तथा साफ-सफाई दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। तहसील परिषद के सामने पार्किंग व्यवस्था को लेकर पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन न होने पर उन्होंने एसडीएम को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के आदेश दिए।

यह भी पढ़े - यमुना एक्सप्रेसवे पर कंटेनर की चपेट में आए बस यात्री, छह की मौत, एक घायल

खतौनी निकालने की व्यवस्था अव्यवस्थित मिलने पर डीएम ने आवेदन प्रक्रिया, निर्धारित ₹15 शुल्क और प्रारूप की जानकारी सार्वजनिक रूप से चस्पा करने, अलग काउंटर बनाने और बारकोड के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अधिक शुल्क वसूलने की शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यह व्यवस्था तीन दिन के भीतर लागू करने को कहा गया है।

निरीक्षण के दौरान होमगार्ड के बैठने के स्थान पर लेखपालों के बैठने, भवन की रंगाई-पुताई खराब होने और किशोर न्यायालय बोर्ड के आसपास गंदगी मिलने पर भी नाराजगी जताई गई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। न्यायालय कक्षों में कंप्यूटर की साफ-सफाई, लटके तार और अतिरिक्त अलमारियां हटाने के आदेश दिए गए।

एसडीएम कार्यालय में फाइलों के अव्यवस्थित रखरखाव पर डीएम ने निर्देश दिया कि सभी फाइलें धारावार क्रम में रखी जाएं और यह स्पष्ट विवरण प्रस्तुत किया जाए कि किस अलमारी में किस धारा की कितनी फाइलें रखी हैं। एसडीएम कोर्ट के पास बैठे फौजदारी स्टेनो को खाली हॉल में शिफ्ट करने तथा उप जिलाधिकारी कार्यालय को तीन दिन में खाली कर उसमें नायब तहसीलदार का कार्यालय संचालित करने के निर्देश दिए गए।

विद्युत कक्ष में टूटी कुर्सियां और अन्य अनुपयोगी सामग्री मिलने पर तहसीलदार अतुल हर्ष को फटकार लगाते हुए उनसे तत्काल स्पष्टीकरण मांगा गया। लेखपाल कक्ष में सभी कानूनगो और लेखपालों के लिए समुचित बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

बीआरसी और विधानसभा फेफना कार्यालय में आपदा, कोर्ट, वरासत और अन्य फाइलों के अव्यवस्थित रखे जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। अभिलेखागार में विभिन्न विभागों की फाइलें मिश्रित पाए जाने पर आपदा विभाग, अभिलेखागार रजिस्ट्रार और संबंधित कानूनगो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तथा नायब तहसीलदार का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।

बाढ़ से संबंधित त्रिपाल सामग्री और वाउचर प्रस्तुत न करने पर भी वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। बीआरसी और विधानसभा फेफना कार्यालय को एक स्थान पर शिफ्ट करने का आदेश दिया गया। अभिलेखागार में लेखपालों के लिए रखे गए लैपटॉप और कोर्ट की फाइलें पाए जाने पर नायब तहसीलदार से लिखित जवाब तलब किया गया।

निर्वाचन स्टोर के निरीक्षण में गंदगी और कबाड़ मिलने पर डीएम ने उसे वेयरहाउस में शिफ्ट करने और निर्वाचन पत्रावलियों सहित अन्य सामग्री को अलग-अलग कक्षों में व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। इस प्रक्रिया को एक माह में पूरा करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 20 दिन के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं, अन्यथा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर तिमराज सिंह, तहसीलदार अतुल हर्ष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

खबरें और भी हैं

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.