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गोबोल्ट ने मस्टैंग साझेदारी का विस्तार किया, FY27-28 तक ₹3,000 करोड़ राजस्व का लक्ष्य
चंडीगढ़: वियरेबल्स और ऑडियो सेगमेंट में सक्रिय गोबोल्ट ने मस्टैंग के साथ अपनी साझेदारी का विस्तार करते हुए वित्त वर्ष 2027-28 तक ₹3,000 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य तय किया है। कंपनी ने कहा कि उसकी आगे की ग्रोथ स्ट्रेटेजी प्रीमियम और मिड-प्रीमियम उत्पादों पर केंद्रित रहेगी।
गोबोल्ट ने मस्टैंग ब्रांड के तहत तीन नई स्मार्टवॉच—स्टैलियन, रेसर और मसल—और एक ट्रू वायरलेस स्टीरियो (TWS) ईयरबड ‘मस्टैंग स्प्रिंट’ लॉन्च करने की घोषणा की है। यह विस्तार कंपनी के मल्टी-प्रोडक्ट रोडमैप का हिस्सा है, जिसके तहत मस्टैंग पोर्टफोलियो को ऑडियो से आगे वियरेबल्स तक बढ़ाया जा रहा है।

कंपनी का कहना है कि मस्टैंग सीरीज़ को बाजार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और आने वाले चरण में इससे जुड़ी बिक्री ₹2 करोड़ से बढ़कर ₹12 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल गोबोल्ट की लगभग 70 प्रतिशत आय ऑडियो और 30 प्रतिशत वियरेबल्स से आती है, हालांकि भविष्य में वियरेबल्स की हिस्सेदारी बढ़ने का अनुमान है।
गोबोल्ट के को-फाउंडर वरुण गुप्ता ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 27 या 28 तक वियरेबल्स और ऑडियो बिज़नेस में ₹3,000 करोड़ के स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है। उन्होंने बताया कि मस्टैंग जैसी वैश्विक ऑटोमोटिव परफॉर्मेंस ब्रांड के साथ डिजाइन-केंद्रित साझेदारी गोबोल्ट की प्रीमियम रणनीति को मजबूती देती है।
को-फाउंडर तरुण गुप्ता ने कहा कि कंपनी ऐसे प्रोडक्ट्स विकसित करने पर ध्यान दे रही है, जो दीर्घकालिक उपयोग और बेहतर यूज़र एक्सपीरियंस प्रदान करें। उनके अनुसार, जैसे-जैसे प्रीमियम और मिड-प्रीमियम उत्पादों का योगदान बढ़ेगा, ब्रांड की पहचान और लाभप्रदता दोनों में सुधार होगा।
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 तक प्रीमियम और मिड-प्रीमियम प्रोडक्ट्स का योगदान कुल पोर्टफोलियो में करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। वहीं, ऑफलाइन बिक्री की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत होने की संभावना है, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में बढ़ती मांग के चलते।
फोर्ड के ग्लोबल ब्रांड लाइसेंसिंग मैनेजर टायलर हिल ने कहा कि मस्टैंग को एक ग्लोबल लाइफस्टाइल ब्रांड के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में यह साझेदारी एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ऑटोमोटिव से परे नए कैटेगरी में ब्रांड की उपस्थिति को मजबूत करती है।
गोबोल्ट ने बताया कि वर्ष 2030 तक कंपनी अमेरिका, यूरोप, दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया में वैश्विक विस्तार की योजना पर काम कर रही है। कंपनी का मानना है कि भारत के वियरेबल्स बाजार का अगला चरण उन ब्रांड्स द्वारा संचालित होगा, जो बड़े पैमाने के साथ प्रीमियम गुणवत्ता भी बनाए रख सकें।
