बलिया: बांसडीह सीएचसी का नाम बदला, पीएचसी बोर्ड लगने से लोगों में भ्रम और नाराजगी

बलिया। बांसडीह स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गुरुवार को नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का बोर्ड लगाए जाने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भ्रम और नाराजगी की स्थिति बन गई। बोर्ड बदलने के बाद आम लोगों में यह आशंका जताई जाने लगी कि अस्पताल का दर्जा घटा दिया गया है, जिससे यहां मिलने वाली कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल का ग्रेड वास्तव में कम किया गया तो 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, भर्ती की सुविधा, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होंगी। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों मरीजों को इलाज के लिए जिला अस्पताल का रुख करना पड़ सकता है।

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तहसील मुख्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर सहतवार मार्ग पर स्थित उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अगऊर में पहले से ही सीमित सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां फिलहाल केवल ओपीडी सेवा चल रही है और एक ही डॉक्टर मरीजों को देख रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महीनों से वहां एक्स-रे मशीन समेत कई जरूरी सुविधाएं बंद हैं। ऐसे में बांसडीह अस्पताल के नाम में बदलाव ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

हालांकि, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रणय कुनाल ने स्पष्ट किया कि अस्पताल की सुविधाओं में किसी प्रकार की कोई कटौती नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि सीएमओ के आदेश पर केवल नाम में संशोधन किया गया है, क्योंकि पहले बोर्ड पर नाम गलत लिखा गया था। जीपीएस मैपिंग में आ रही दिक्कतों के कारण यह बदलाव किया गया है।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में सभी सुविधाएं पहले की तरह जारी रहेंगी और किसी भी सेवा में कोई कमी नहीं की जाएगी। इसके बावजूद क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाए रखने की मांग की है।

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