- Hindi News
- उत्तर प्रदेश
- बलिया
- बलिया में नो-मैपिंग श्रेणी के 1.42 लाख मतदाताओं पर प्रशासन की पैनी नजर
बलिया में नो-मैपिंग श्रेणी के 1.42 लाख मतदाताओं पर प्रशासन की पैनी नजर
बलिया : विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण–2026 के तहत दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी तक निर्धारित की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 1,42,121 मतदाता “नो-मैपिंग” श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। इन मतदाताओं ने गणना प्रपत्र में स्वयं या अपने माता-पिता, दादा-दादी अथवा नाना-नानी से संबंधित वर्ष 2003 के पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विवरण उपलब्ध नहीं कराया है। ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और संबंधित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा सुनवाई के बाद नाम बनाए रखने या विलोपित करने का निर्णय लिया जाएगा।
नो-मैपिंग श्रेणी के मतदाताओं को नोटिस तामील कराने की प्रक्रिया जारी है, जिसे बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) द्वारा फोटो सहित बीएलओ ऐप पर अपलोड किया जा रहा है। सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि साक्ष्य अन्य जनपद या प्रदेश से जारी किए गए हैं, तो उनका सत्यापन भी कराया जाएगा।
बैठक में सभी राजनीतिक दलों से अपील की गई कि वे अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से नो-मैपिंग श्रेणी के मतदाताओं को जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं के नाम निर्वाचक नामावली में बने रह सकें।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी योग्य मतदाता का नाम त्रुटिवश विलोपित हो गया है, तो वह निर्धारित घोषणा-पत्र के साथ फार्म-6 भरकर दावा कर सकता है। फार्म-6 ऑनलाइन भरने की सुविधा उपलब्ध है। इस प्रक्रिया को समझाने के लिए ऑन-स्क्रीन डेमो भी दिखाया गया और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया गया। साथ ही विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण–2026 के तहत जारी नोटिसों की तामिला को लेकर दलों से फीडबैक भी लिया गया।
बैठक में एडीएम अनिल कुमार, शशिकांत, सहायक निर्वाचन अधिकारी अख्तर सहित सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
