Jharkhand News: पूर्व CEC कुरैशी पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का हमला तेज, विवादास्पद बयान से मचा सियासी घमासान

रांची: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर तीखा बयान देकर सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। इस बार उनका निशाना बने हैं पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एसवाई कुरैशी। दुबे ने कुरैशी पर आरोप लगाया कि वे अपने कार्यकाल में चुनाव आयुक्त नहीं बल्कि 'मुस्लिम आयुक्त' की तरह व्यवहार करते थे।

यह टिप्पणी कुरैशी द्वारा वक्फ संशोधन अधिनियम की आलोचना के जवाब में आई है। कुरैशी ने इस अधिनियम को मुसलमानों की जमीन पर कब्जा करने की सरकारी साजिश बताया था। दुबे ने पलटवार करते हुए कहा कि कुरैशी के कार्यकाल में झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता बनाया गया।

इतिहास का हवाला देते हुए दुबे ने कहा कि इस्लाम भारत में 712 ईस्वी में आया, उससे पहले यह भूमि हिंदुओं, आदिवासियों, बौद्धों और जैनियों की थी। उन्होंने कहा कि उनके गांव विक्रमशिला को बख्तियार खिलजी ने जलाया था, और विक्रमशिला विश्वविद्यालय ने दुनिया को आतिश दीपांकर जैसा विद्वान दिया।

दुबे ने देशवासियों से अपील की कि वे इतिहास को समझें और राष्ट्र को एकजुट करें। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान एक बार विभाजित होकर बन चुका है, अब किसी तरह का बंटवारा नहीं होगा।

गौरतलब है कि हाल ही में दुबे ने भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना पर भी तीखी टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने उन्हें देश में "धार्मिक युद्ध" के लिए जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने उनके बयान से दूरी बना ली थी।

इस बयान पर सुप्रीम कोर्ट के वकील अनस तनवीर ने दुबे के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के लिए अटॉर्नी जनरल से अनुमति मांगी है, क्योंकि किसी भी अवमानना कार्यवाही से पहले अटॉर्नी जनरल की स्वीकृति जरूरी होती है।

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