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शिवपुरी में बनेगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा निजी मिसाइल इकोसिस्टम, 2,500 करोड़ का निवेश करेगा अदाणी समूह
शिवपुरी। अदाणी समूह के निदेशक जीत अदाणी ने शनिवार को कहा कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दक्षिण एशिया के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के मिसाइल इकोसिस्टम की स्थापना की जा रही है। यह सुविधा निजी क्षेत्र में पहली ऐसी इकाई होगी, जहां कच्चे माल से लेकर मिशन के लिए पूरी तरह तैयार मिसाइलों के निर्माण तक की संपूर्ण प्रक्रिया एक ही परिसर में संचालित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि अदाणी समूह ने पिछले वर्ष भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान हाइड्रो पम्प्ड स्टोरेज, सीमेंट, खनन, स्मार्ट मीटर और थर्मल ऊर्जा क्षेत्रों में 1.10 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की थी, जिससे वर्ष 2030 तक करीब 1.20 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है।
जीत अदाणी ने कहा कि समूह कटनी जिले के अमेथा और काइमोर संयंत्रों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर चुका है। अदाणी पावर वर्तमान में मध्य प्रदेश को 1,200 मेगावाट बिजली उपलब्ध करा रही है, जबकि 5,600 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता विकसित की जा रही है। इसके अलावा धार, रतलाम, लाहौरी और उज्जैन में पवन ऊर्जा परियोजनाओं पर भी कार्य चल रहा है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में गुना में 1,060 करोड़ रुपये की लागत वाली सीमेंट इकाई की आधारशिला रखी गई है, जिसे जिले के इतिहास का सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है।
रक्षा क्षेत्र में समूह की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए जीत अदाणी ने कहा कि ग्वालियर में पहले से ही लाइट मशीन गन, असॉल्ट राइफल और कार्बाइन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि लाइट मशीन गन परियोजना के तहत सशस्त्र बलों को 2,000 इकाइयां निर्धारित समय से 11 माह पहले उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि शिवपुरी में विकसित किया जा रहा नया मिसाइल इकोसिस्टम मध्यम और लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां कंपोजिट प्रोपेलेंट, टीएनटी तथा विस्फोटक ग्रेड सामग्री के उत्पादन की भी व्यवस्था की जाएगी।
जीत अदाणी ने बताया कि आगामी तीन वर्षों में इस परियोजना पर 2,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 5,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही 50 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को भी इस विशेष रक्षा आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्वालियर और शिवपुरी मिलकर मध्य प्रदेश को रक्षा विनिर्माण और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की दिशा में अग्रसर होंगे तथा देश की सुरक्षा से जुड़ी आधुनिक प्रणालियों के स्वदेशी निर्माण को नई मजबूती मिलेगी।
