RSS शताब्दी पर बनी फिल्म ‘शतक’ पर बाबा रामदेव ने रखे विचार, बोले ‘हम मिट जाएँ, रहें न रहें, तेरा वैभव अमर रहे, माँ’

योगगुरु एवं पतंजलि समूह के संस्थापक बाबा रामदेव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर निर्मित फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। राष्ट्र, संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत के विचार के प्रखर समर्थक रहे बाबा रामदेव की चर्चित पंक्ति— ‘हम मिट जाएँ, रहें न रहें, तेरा वैभव अमर रहे, माँ’— संघ की शताब्दी और इस फिल्म की मूल भावना से गहराई से जुड़ती दिखाई देती है।

RSS के 100 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर तैयार की गई यह फिल्म संघ की सौ वर्षों की वैचारिक यात्रा, सामाजिक योगदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को केंद्र में रखती है। बाबा रामदेव द्वारा प्रतिपादित राष्ट्रबोध, सांस्कृतिक आत्मगौरव और सेवा-भावना को यह फिल्म सिनेमाई माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है।

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हाल ही में जारी किए गए फिल्म के टीज़र को देशभर में व्यापक चर्चा मिली है। टीज़र से संकेत मिलता है कि फिल्म संघ से जुड़े वर्षों पुराने भ्रम, आलोचनाओं और गलतफहमियों को तथ्यों व ऐतिहासिक संदर्भों के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपातकाल जैसे महत्वपूर्ण कालखंडों में RSS की भूमिका को भी फिल्म में रेखांकित किया गया है।

संघ की शताब्दी पर हर्ष व्यक्त करते हुए बाबा रामदेव ने कहा,

“राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सोच, उसका योगदान और हिंदू समाज की एकता तथा राष्ट्र की अखंडता के लिए किया गया संघर्ष अत्यंत प्रेरणादायक है। हमारी प्राचीन सनातन संस्कृति, ऋषि-परंपरा और वीरों-वीरांगनाओं की गौरवशाली विरासत को साथ लेकर भारत को आर्थिक, आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महाशक्ति बनाने की संकल्पना में संघ का योगदान ऐतिहासिक रहा है।”

फिल्म को लेकर अपना संदेश देते हुए उन्होंने कहा,

“राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी केवल समय की गणना नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और राष्ट्रसमर्पण की सौ वर्षों की साधना है। इसी भावना को सशक्त रूप में प्रस्तुत करने वाली फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ के लिए मैं पूरी टीम को हार्दिक बधाई देता हूँ। यह फिल्म सनातन संस्कृति, राष्ट्र की अखंड चेतना और स्वयंसेवकों के निःस्वार्थ योगदान को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगी। ‘हम मिट जाएँ, रहें न रहें, तेरा वैभव अमर रहे, माँ’— इसी संकल्प को यह फिल्म नई पीढ़ी तक पहुँचाए, यही मेरी शुभकामना है।”

राष्ट्र निर्माण और देशभक्ति की भावना को सशक्त करने वाली यह फिल्म 19 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।

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