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‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के बराबर दर्जा, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी; अपमान करने पर होगी सख्त सजा
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद केंद्र सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर अहम प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के तहत अब ‘वंदे मातरम’ को वही सम्मान और कानूनी संरक्षण मिलेगा, जो अब तक केवल राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को प्राप्त था।
कैबिनेट बैठक में रखा गया प्रस्ताव
कानून में होगा संशोधन
सरकार ने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। संशोधन लागू होने के बाद बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण मिलेगा। अब इस गीत का अपमान करना, इसके गायन में बाधा डालना या असम्मानजनक व्यवहार करना संज्ञेय अपराध माना जाएगा।
जिस प्रकार राष्ट्रगान के दौरान लोगों से सावधान मुद्रा में खड़े होकर सम्मान प्रकट करने की अपेक्षा की जाती है, उसी तरह अब ‘वंदे मातरम’ के लिए भी शिष्टाचार का पालन अनिवार्य माना जाएगा।
अपमान करने पर होगी सजा
वर्तमान कानून के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है। नए संशोधन के बाद ‘वंदे मातरम’ को भी इसी दायरे में शामिल किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गीत का अपमान करता है या इसके गायन में व्यवधान डालता है, तो उसे तीन साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
150वीं वर्षगांठ के बीच लिया गया फैसला
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश ‘वंदे मातरम’ की रचना की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। दिसंबर 2025 में संसद के विशेष सत्र के दौरान कई सांसदों ने इसे राष्ट्रगान के बराबर दर्जा देने की मांग उठाई थी। सरकार का कहना है कि ‘वंदे मातरम’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा रहा है और इसने लाखों क्रांतिकारियों में देशभक्ति की भावना जगाई, इसलिए इसे सर्वोच्च सम्मान दिया जाना आवश्यक है।
