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बाल सुरक्षा के लिए MLT ने लॉन्च किया ‘खुली बात’, AI चैटबॉट से माता-पिता और केयरगिवर्स को मिलेगी मदद
मुंबई, सितंबर 2026: बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता और रोकथाम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिसिंग लिंक ट्रस्ट (MLT) ने Capgemini India के साथ मिलकर ‘खुली बात’ नाम से AI-इनेबल्ड WhatsApp चैटबॉट लॉन्च किया है। यह पहल माता-पिता, शिक्षकों और बच्चों की देखभाल करने वालों को बाल सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी, बातचीत के तरीके और जरूरत पड़ने पर सहायता के संसाधनों तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है।
ऐसे में बच्चों को रिश्तों में सीमाओं, सहमति और स्वस्थ व्यवहार की समझ देना, असहज परिस्थितियों या गतिविधियों को पहचानना और जरूरत पड़ने पर मदद मांगने का तरीका बताना बाल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी के साथ माता-पिता और देखभाल करने वालों को भी बच्चों की बात सुनने और सही तरीके से प्रतिक्रिया देने के लिए जानकारी और संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है।
WhatsApp पर ‘Hi’ भेजकर शुरू करें बातचीत
‘खुली बात’ को विशेष रूप से माता-पिता और बच्चों की देखभाल करने वालों के लिए तैयार किया गया है। यह उन्हें बच्चों के साथ सीमाओं, सहमति, रिश्तों, ऑनलाइन सुरक्षा, दुर्व्यवहार और शोषण जैसे संवेदनशील विषयों पर बातचीत करने में मदद करता है।
जरूरत पड़ने पर चैटबॉट उपयोगकर्ताओं को संबंधित सहायता और संसाधनों तक पहुंचने के बारे में भी मार्गदर्शन देता है। कोई भी अभिभावक या गार्जियन 6003060040 नंबर पर WhatsApp के जरिए ‘Hi’ भेजकर बातचीत शुरू कर सकता है।
100 BMC स्कूलों में रोकथाम पर काम
चैटबॉट का लॉन्च महाराष्ट्र सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रधान सचिव और आईपीएस अधिकारी बृजेश सिंह समेत अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में किया गया।
MLT मुंबई के ईस्ट वार्ड के 100 BMC स्कूलों में ‘रोकथाम-पहले’ दृष्टिकोण के तहत काम कर रहा है। Capgemini India के साथ साझेदारी के तहत पहल को तीन प्रमुख क्षेत्रों में आगे बढ़ाया जा रहा है।
स्कूल आधारित कार्यक्रमों के जरिए 10,000 किशोरों को सुरक्षा संबंधी शिक्षा देना।
माता-पिता, शिक्षकों और केयरगिवर्स के लिए AI-इनेबल्ड सुरक्षा चैटबॉट ‘खुली बात’ विकसित करना।
विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के माध्यम से बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा के मामलों में सिस्टम की प्रतिक्रिया को मजबूत करना।
‘जमीनी अनुभव पर आधारित है खुली बात’
मिसिंग लिंक ट्रस्ट की फाउंडर ट्रस्टी और CEO लीना केजरीवाल ने कहा कि ‘खुली बात’ केवल AI मॉडल से मिलने वाली सामान्य सलाह नहीं है, बल्कि यह MLT के एक दशक से अधिक समय के जमीनी अनुभव पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि चैटबॉट को स्थानीय स्तर पर सामने आने वाले जोखिमों और भारतीय परिवारों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके जवाब एक विशेष नॉलेज बेस पर आधारित हैं, जिसमें पूर्वाग्रह, जेंडर और पावर डायनेमिक्स जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा गया है।
उनके मुताबिक, इसे अलग-अलग स्तर की डिजिटल पहुंच और जानकारी रखने वाले वयस्कों के लिए उपयोग में आसान बनाने की कोशिश की गई है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि परिवारों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सहायता और रिपोर्टिंग के विकल्पों से जोड़ना भी है।
ऑनलाइन सुरक्षा पर भी जोर
Capgemini के वाइस प्रेसिडेंट और CSR हेड-इंडिया कुमार अनुराग प्रताप ने कहा कि बच्चे ऑनलाइन अधिक समय बिता रहे हैं और तकनीक नए अवसरों के साथ नए जोखिम भी लेकर आई है। ऐसे में बचाव और शुरुआती स्तर पर हस्तक्षेप का महत्व बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि ‘खुली बात’ तकनीक के जरिए माता-पिता और बच्चों की देखभाल करने वालों तक बाल सुरक्षा से जुड़े विश्वसनीय संसाधन पहुंचाती है और इसके लिए ऐसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती है, जिनसे लोग पहले से परिचित हैं।
MASSp कार्यक्रम का विस्तार
यह पहल मिसिंग लिंक ट्रस्ट के ‘Missing Awareness and School Safety Programme’ (MASSp) के तहत किए जा रहे व्यापक रोकथाम कार्यों का हिस्सा है। कार्यक्रम के माध्यम से गार्डियन को बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा, ऑनलाइन सुरक्षा, व्यक्तिगत सीमाओं, ग्रूमिंग, अपनी बात रखने और मदद मांगने से संबंधित जानकारी और कौशल उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है।
‘खुली बात’ के जरिए MLT का उद्देश्य बाल सुरक्षा से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करना है, ताकि सुरक्षा शिक्षा, खुलकर बातचीत और समय रहते मदद मांगना बच्चों की सुरक्षा का सामान्य हिस्सा बन सके।
