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‘चिंचपोकली चा चिंतामणि’ पहुंचे प्रणव और करण अदाणी, परिवार संग की पूजा-अर्चना
मुंबई, सितंबर 2026: गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर अदाणी एंटरप्राइजेज के डायरेक्टर प्रणव अदाणी और अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने परिवार के साथ मुंबई के प्रसिद्ध ‘चिंचपोकली चा चिंतामणि’ गणपति मंडल में पहुंचकर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया।
मुंबई के सबसे पुराने सार्वजनिक गणपति उत्सवों में शामिल
‘चिंचपोकली चा चिंतामणि’ को मुंबई के दूसरे सबसे पुराने सार्वजनिक गणपति उत्सवों में माना जाता है। इस वर्ष यह मंडल अपने 107वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इसकी ऐतिहासिक जड़ें मुंबई के पुराने कपड़ा मिल क्षेत्रों—परेल, गिरगांव और लालबाग—से जुड़ी रही हैं।
यह उत्सव लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की उस परंपरा को भी आगे बढ़ाता है, जिन्होंने 1890 के दशक में गणेश चतुर्थी को घरों तक सीमित धार्मिक आयोजन से निकालकर सार्वजनिक उत्सव का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य पर आधारित भव्य थीम
अपनी आकर्षक थीम के लिए प्रसिद्ध ‘चिंचपोकली चा चिंतामणि’ में इस वर्ष श्रद्धालुओं को दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य कला की भव्य झलक देखने को मिल रही है।
भगवान गणेश की प्रतिमा को तिरुमला तिरुपति के भगवान वेंकटेश्वर बालाजी की थीम पर सजाया गया है। सजावट में गरुड़, कीर्तिमुख, शंख, चक्र और कपूर तिलक जैसे पारंपरिक धार्मिक प्रतीकों को शामिल किया गया है।
वहीं, पंडाल को हैदराबाद और भुवनगिरी स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर (स्वर्णगिरि) की स्थापत्य शैली से प्रेरित होकर तैयार किया गया है। पंडाल में ऊंचे गोपुरम, दीपस्तंभ और याली/व्याला जैसी संरक्षक मूर्तियों को विशेष रूप से दर्शाया गया है।
मिल श्रमिकों से जुड़ा रहा उत्सव का इतिहास
इस गणेशोत्सव की शुरुआत में मुंबई के मिल श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। वर्ष 1982 की ऐतिहासिक मिल हड़ताल और उसके बाद हुए शहरी बदलावों के बावजूद ‘चिंचपोकली चा चिंतामणि’ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का अहम केंद्र बना रहा।
करीब 5,000 योगदानकर्ताओं के सहयोग से संचालित चिंचपोकली सार्वजनिक उत्सव मंडल अब केवल गणेशोत्सव तक सीमित नहीं है। मंडल स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित करता है।
1939 से रेलवे स्टेशन के पूर्वी हिस्से में आयोजन
वर्ष 1939 से यह उत्सव चिंचपोकली रेलवे स्टेशन के पूर्वी हिस्से के समीप आयोजित किया जा रहा है। चिंचपोकली सार्वजनिक उत्सव मंडल लगातार इस आयोजन का संचालन करता आ रहा है।
सामाजिक सेवा में भी सक्रिय मंडल
गणेशोत्सव के अलावा मंडल की ओर से रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
कोविड-19 महामारी के दौरान भी मंडल ने सार्वजनिक उत्सव को सीमित रखते हुए स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया। इस दौरान परीक्षण शिविर, चिकित्सा सहायता और रक्तदान अभियानों के माध्यम से लोगों को सहयोग उपलब्ध कराया गया।
