NSE IPO: 17 सितंबर से खुलेगा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का IPO, ₹1,700-₹1,785 तय हुआ प्राइस बैंड

महाराष्ट्र, सितंबर 2026: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) के बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) का इंतजार अब खत्म होने वाला है। कंपनी ने IPO के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। यह इश्यू 17 सितंबर 2026 को खुलेगा और 21 सितंबर 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 16 सितंबर को खुलेगी।

निवेशक इस IPO में न्यूनतम 8 शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे। इसके बाद 8 शेयरों के गुणक में बोली लगानी होगी।

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पूरी तरह OFS होगा IPO

NSE का यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसमें मौजूदा कॉरपोरेट शेयरहोल्डर्स कुल 12,64,36,650 शेयर बेचेंगे। OFS में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरंदा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) पीटीई लिमिटेड, एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, SBI कैपिटल मार्केट्स, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।

यह इश्यू SEBI ICDR नियमों के तहत बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए लाया जा रहा है। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए अधिकतम 50 फीसदी हिस्सा, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए कम से कम 15 फीसदी और रिटेल इन्वेस्टर्स (RII) के लिए कम से कम 35 फीसदी हिस्सा आरक्षित है।

1994 में शुरू हुआ था NSE का सफर

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने वर्ष 1994 में परिचालन शुरू किया था और यह भारत का पहला एक्सचेंज था जिसने इलेक्ट्रॉनिक यानी स्क्रीन-बेस्ड ट्रेडिंग की शुरुआत की। NSE का कारोबार एक्सचेंज लिस्टिंग, ट्रेडिंग सेवाओं, क्लियरिंग और सेटलमेंट, इंडेक्स तथा मार्केट डेटा जैसी गतिविधियों से जुड़ा है।

कंपनी ट्रेडिंग और क्लियरिंग सदस्यों तथा सूचीबद्ध कंपनियों के लिए नियामकीय अनुपालन की निगरानी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

डेरिवेटिव्स में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति

फ्यूचर्स इंडस्ट्री एसोसिएशन (FIA) के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग वॉल्यूम के आधार पर NSE दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव्स एक्सचेंज रहा। वहीं वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ एक्सचेंजेस (WFE) के अनुसार, 2025 में इलेक्ट्रॉनिक ऑर्डर बुक के आधार पर इक्विटी सेगमेंट में ट्रेड्स की संख्या के लिहाज से NSE दुनिया में तीसरे स्थान पर रहा।

रेडसीर की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2011 से वित्त वर्ष 2026 तक और 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में कैश मार्केट तथा इक्विटी डेरिवेटिव्स के कुल टर्नओवर के लिहाज से NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज रहा।

वित्त वर्ष 2026 में कैश इक्विटीज के ट्रेड्स में NSE की वैश्विक बाजार हिस्सेदारी 11.38 फीसदी और इक्विटी डेरिवेटिव्स में 51.18 फीसदी रही। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में यह हिस्सेदारी क्रमशः 10.68 फीसदी और 50.22 फीसदी रही।

13.23 करोड़ यूनिक रजिस्टर्ड निवेशक

NSE का निवेशक आधार भी तेजी से बढ़ा है। 31 मार्च 2020 को 3.08 करोड़ रहे यूनिक रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स की संख्या 30 जून 2026 तक बढ़कर 13.23 करोड़ हो गई। कंपनी के मुताबिक, इस अवधि में निवेशक आधार ने 26.23 फीसदी की CAGR दर्ज की।

30 जून 2026 तक NSE पर 26.13 करोड़ रजिस्टर्ड इन्वेस्टर अकाउंट्स, 1,328 ट्रेडिंग मेंबर्स, 13.23 करोड़ यूनिक रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स और 3,005 लिस्टेड एंटिटीज थीं। इन सूचीबद्ध इकाइयों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹474.08 ट्रिलियन था।

NSE के प्लेटफॉर्म पर निवेशक भारत के 99 फीसदी से ज्यादा पिन कोड्स में मौजूद हैं।

कैश मार्केट में करीब 93% हिस्सेदारी

रेडसीर के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 और जून 2026 तिमाही के दौरान कैश मार्केट में NSE की बाजार हिस्सेदारी करीब 93 फीसदी रही। इक्विटी फ्यूचर्स, करेंसी फ्यूचर्स और करेंसी ऑप्शंस में इसकी हिस्सेदारी लगभग 100 फीसदी तक रही। इक्विटी ऑप्शंस में NSE की हिस्सेदारी 68 से 74 फीसदी के बीच रही, जबकि कॉरपोरेट बॉन्ड्स के ट्रेड वैल्यू में इसकी हिस्सेदारी 81 से 85 फीसदी से अधिक रही।

मजबूत टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म

NSE अपने तकनीकी बुनियादी ढांचे को लगातार अपग्रेड करता रहा है। 1 अप्रैल 2024 से 30 जून 2026 के बीच इसके प्लेटफॉर्म पर रोजाना औसतन 12.46 अरब मैसेज प्रोसेस हुए।

24 मार्च 2026 को एक दिन में रिकॉर्ड 21.89 अरब ऑर्डर मैसेज प्रोसेस किए गए और इसी दिन 20.10 करोड़ ट्रेड्स हुए। वहीं 4 जून 2024 को एक दिन में रिकॉर्ड 29.38 करोड़ ट्रेड्स प्रोसेस किए गए थे।

कंपनी का प्लेटफॉर्म कैश मार्केट, इक्विटी डेरिवेटिव्स और करेंसी डेरिवेटिव्स में माइक्रोसेकंड रिस्पॉन्स टाइम के साथ प्रति सेकंड करीब 50 लाख मैसेज प्रोसेस करने में सक्षम है।

जून तिमाही में ₹3,121 करोड़ रहा नेट प्रॉफिट

30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में NSE का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹4,560 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में ₹4,032 करोड़ था। वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹3,121 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹2,811 करोड़ था।

जून 2026 तिमाही में कंपनी ने इक्विटी कैपिटल के जरिए ₹1.29 ट्रिलियन से अधिक जुटाने में मदद की। वित्त वर्ष 2026 में यह आंकड़ा ₹4.78 ट्रिलियन से अधिक रहा। कुल फंड मोबिलाइजेशन क्रमशः ₹6.19 ट्रिलियन और ₹20.33 ट्रिलियन रहा।

20 कंपनियां संभालेंगी IPO की बुक रनिंग

NSE IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स में कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेएम फाइनेंशियल, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी, सिटी ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स इंडिया, JPMorgan India, SBI कैपिटल मार्केट्स, आनंद राठी एडवाइजर्स, एवेंडस कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, DAM कैपिटल एडवाइजर्स, एक्विरस कैपिटल, HDFC बैंक, ICICI सिक्योरिटीज, IDBI कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स, नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स और 360 ONE WAM शामिल हैं।

MUFG Intime India इस इश्यू का रजिस्ट्रार है। IPO के बाद इन इक्विटी शेयरों को BSE पर लिस्ट कराने का प्रस्ताव है।

NSE IPO की अहम तारीखें:

एंकर निवेशकों के लिए बोली: 16 सितंबर 2026

IPO खुलेगा: 17 सितंबर 2026

IPO बंद होगा: 21 सितंबर 2026

प्राइस बैंड: ₹1,700–₹1,785 प्रति शेयर

लॉट साइज: 8 शेयर

इश्यू: पूरी तरह OFS

प्रस्तावित लिस्टिंग: BSE

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