Budget 2026-27: बाबुओं के प्रशिक्षण को 299 करोड़, प्रशासनिक सुधारों के लिए 65 करोड़ रुपये का प्रावधान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सरकारी कर्मचारियों के प्रशिक्षण और प्रशासनिक सुधारों को मजबूती देने पर विशेष जोर दिया है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, देश और विदेश में प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे से जुड़े कौशल विकास के लिए 299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्रशासनिक सुधारों के लिए 65 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव है।

प्रशासनिक सुधारों के तहत सरकारी कार्यालयों के आधुनिकीकरण, ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने, सुशासन को प्रोत्साहित करने और सार्वजनिक शिकायतों के निवारण के लिए एक व्यापक प्रणाली विकसित करने से जुड़ी पायलट परियोजनाएं शामिल हैं।

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कुल 299 करोड़ रुपये के प्रशिक्षण बजट में से 120.8 करोड़ रुपये प्रशिक्षण प्रभाग, सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान (आईएसटीएम) और मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) के स्थापना व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं, 52.2 करोड़ रुपये विभिन्न प्रशिक्षण योजनाओं के लिए और 126 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मिशन कर्मयोगी’ के लिए प्रस्तावित हैं।

‘मिशन कर्मयोगी’ को अब तक की सबसे बड़ी नौकरशाही सुधार पहल माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को अधिक रचनात्मक, सक्रिय, पेशेवर और प्रौद्योगिकी-सक्षम बनाना है।

बजट दस्तावेज में कहा गया है कि 120.8 करोड़ रुपये के प्रावधान में दिल्ली स्थित आईएसटीएम, मसूरी की एलबीएसएनएए और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रशिक्षण प्रभाग से संबंधित स्थापना खर्च शामिल हैं। ये संस्थान सचिवालय के विभिन्न स्तरों के कर्मचारियों के लिए आधारभूत, पुनरावलोकन और ‘मिड-करियर’ प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करते हैं, जिससे उन्हें नवीनतम नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा सके।

इस आवंटन में घरेलू व विदेशी यात्राओं पर होने वाला व्यय तथा केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) और केंद्रीय सचिवालय स्टेनोग्राफर सेवा (सीएसएसएस) के अधिकारियों के लिए पाठ्यक्रम शुल्क भी शामिल है। वहीं, 52.2 करोड़ रुपये के आवंटन में ‘सभी के लिए प्रशिक्षण’ की व्यवस्था की गई है।

आगामी वित्त वर्ष में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के प्रचार-प्रसार के लिए 3.5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, लोक सेवकों से जुड़े सेवा मामलों के निपटारे के लिए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) को 166.42 करोड़ रुपये की स्थापना लागत आवंटित की जाएगी, जिसमें विभिन्न पीठों के लिए भूमि खरीद और भवन निर्माण का खर्च भी शामिल है।

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) और राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के लिए 2026-27 में 52.07 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव है।

केंद्र सरकार की भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने वाले कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 525.2 करोड़ रुपये दिए जाने की घोषणा की गई है। उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष में एसएससी के लिए 515.15 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसे संशोधित कर 548.5 करोड़ रुपये कर दिया गया था।

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