अदाणी पावर के सबसे बड़े बॉन्ड इश्यू पर निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी, कोटक–टाटा सहित दिग्गज फंड आगे

देश के बॉन्ड बाजार में इस सप्ताह साफ संदेश गया है कि निवेशकों का भरोसा वहीं टिकता है, जहां कारोबार की बुनियाद मजबूत दिखती है। अदाणी समूह की थर्मल पावर कंपनी अदाणी पावर के अब तक के सबसे बड़े घरेलू बॉन्ड इश्यू को लेकर म्यूचुअल फंड और बड़े निवेशकों में भारी उत्साह देखने को मिला। कोटक, निप्पॉन, टाटा, इनवेस्को, आईसीआईसीआई और एक्सिस जैसे प्रमुख फंड हाउस इस इश्यू में निवेश के लिए आगे आए।

निवेशकों का कहना है कि कंपनी का व्यवसाय बुनियादी तौर पर मजबूत है और हालिया घटनाक्रम का इसके संचालन पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। उनका मानना है कि मौजूदा परिस्थितियां कंपनी या समूह को किसी बड़े नुकसान की ओर नहीं ले जातीं।

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अदाणी पावर फिलहाल देश में लगभग 18 गीगावाट की थर्मल पावर क्षमता संचालित कर रही है और वित्त वर्ष 2032 तक इसे 42 गीगावाट तक बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। निवेशकों के अनुसार, कंपनी का एकीकृत कारोबार मॉडल, साफ दिखाई देती विस्तार योजना और संतुलित बैलेंस शीट इसे दीर्घकाल में आकर्षक बनाती है।

कर्ज की स्थिति भी उद्योग के कई बड़े नामों की तुलना में बेहतर मानी जा रही है। अदाणी पावर का शुद्ध कर्ज-से-परिचालन लाभ अनुपात करीब 1.6 गुना बताया जाता है, जबकि एनटीपीसी, जेएसडब्ल्यू एनर्जी और टाटा पावर जैसी कंपनियों में यह अनुपात 4 से 5 गुना के बीच है। इसी कारण बॉन्ड निवेशकों को कंपनी का जोखिम स्तर अपेक्षाकृत संतुलित नजर आ रहा है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में अदाणी पावर की परिचालन कमाई तीन गुना से भी अधिक हो सकती है। वर्तमान में कंपनी का परिचालन लाभ करीब 21 हजार करोड़ रुपये है, जो वित्त वर्ष 2030 तक बढ़कर 75 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसके पीछे नई क्षमता जोड़ने, संयंत्रों की बेहतर दक्षता और स्थिर मांग जैसे कारण बताए जा रहे हैं।

रेटिंग एजेंसियों के संकेत भी निवेशकों के भरोसे को मजबूती देते हैं। मूडीज़ और फिच जैसी वैश्विक एजेंसियों ने अदाणी समूह की कई इकाइयों के दृष्टिकोण को स्थिर कर रखा है। फिच ने पहले ही संकेत दिया था कि अमेरिका में चल रही जांच से जुड़े जोखिम निकट भविष्य में प्रबंधनीय हैं और उनका तात्कालिक असर सीमित रहने की संभावना है।

बॉन्ड बाजार के जानकारों का मानना है कि इस इश्यू को मिली मजबूत प्रतिक्रिया सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर में बढ़ते निवेशक भरोसे को भी दर्शाती है। बढ़ती बिजली मांग के बीच बड़ी और स्थापित बिजली कंपनियों की भूमिका और अधिक अहम होती जा रही है। कुल मिलाकर, अदाणी पावर का यह बॉन्ड इश्यू संकेत देता है कि बाजार शोर से ज्यादा आंकड़ों, क्षमता और भविष्य की योजनाओं पर भरोसा कर रहा है।

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