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“शकुनि के किरदार में रहस्य जोड़ने के लिए एक आंख में लेंस लगाने का सुझाव मेरा था” : चंदन आनंद
मुंबई, जून 2026। सोनी सब के लोकप्रिय पौराणिक धारावाहिक ‘हस्तिनापुर के वीर’ में शकुनि की भूमिका निभा रहे अभिनेता चंदन आनंद अपने दमदार अभिनय और किरदार की अनोखी प्रस्तुति को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने शकुनि के किरदार की तैयारी, उसके लुक, हाव-भाव और दर्शकों से मिल रहे प्यार को लेकर खुलकर बात की।
उन्होंने कहा, “जब मुझे पता चला कि मैं शकुनि का किरदार निभाने वाला हूं, तब मैंने उसके बारे में जितना संभव हो सका, पढ़ना शुरू किया। मैंने उसकी शारीरिक भाषा, बोलने का अंदाज और सोचने के तरीके पर विशेष ध्यान दिया। शकुनि को और रहस्यमयी बनाने के लिए मैंने एक आंख में लेंस लगाने का सुझाव दिया था, जिससे उसके व्यक्तित्व में एक अलग प्रभाव और गहराई दिखाई दे।”
बच्चों के बीच ‘मामा’ की भूमिका में शकुनि
‘हस्तिनापुर के वीर’ में पांडवों और कौरवों के बचपन की कहानी दिखाई जा रही है। ऐसे में शकुनि का किरदार भी दर्शकों को एक नए रूप में देखने को मिल रहा है। इस पर चंदन आनंद कहते हैं कि शो में शकुनि बच्चों के बीच एक दोस्ताना और भरोसेमंद मामा की तरह दिखाई देता है, लेकिन वह हर मौके का इस्तेमाल अपनी रणनीतियों को आगे बढ़ाने के लिए करता है।
दर्शकों को पसंद आ रही है शकुनि की खास ताली
शो में शकुनि की एक अनोखी ताली भी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। इसके पीछे की कहानी बताते हुए चंदन आनंद ने कहा कि यह विचार उन्हें अपने दादा जी से मिला था।
उन्होंने बताया, “मेरे दादा जी कविताएं सुनाते समय एक खास अंदाज में ताली बजाते थे। मुझे लगा कि शकुनि का व्यक्तित्व भी कुछ ऐसा ही विशिष्ट होना चाहिए। मैंने उसी शैली को अपनाया और यह दर्शकों को काफी पसंद आ रही है।”
युवा कलाकारों से सीखने को मिलता है बहुत कुछ
शो में बड़ी संख्या में बाल कलाकार भी काम कर रहे हैं। उनके साथ अनुभव साझा करते हुए चंदन आनंद ने कहा कि बच्चों की सहजता और स्वाभाविक अभिनय उन्हें हर दिन कुछ नया सिखाता है।
उन्होंने कहा, “बच्चे कैमरा ऑन होते ही अपने किरदार में पूरी तरह उतर जाते हैं। उनकी ईमानदारी और नैचुरल अभिनय प्रेरणादायक है। मैं उनसे लगातार सीखता रहता हूं।”
शकुनि से क्या सीख सकते हैं दर्शक?
किरदार के संदेश पर बात करते हुए चंदन आनंद ने कहा कि शकुनि का जीवन यह सिखाता है कि बदले की भावना और षड्यंत्र इंसान को कभी सच्ची खुशी नहीं दे सकते।
उन्होंने कहा, “असल जिंदगी में व्यक्ति को क्षमा करना, सकारात्मक रहना और मन में बैर न रखना सीखना चाहिए। यही जीवन को सरल, सुंदर और शांतिपूर्ण बनाता है।”
गौरतलब है कि ‘हस्तिनापुर के वीर’ पांडवों और कौरवों के बचपन की अनकही कहानियों को दर्शकों तक पहुंचा रहा है। यह शो रिश्तों, मूल्यों और जीवन के महत्वपूर्ण सबकों को रोचक अंदाज में प्रस्तुत कर रहा है।
‘हस्तिनापुर के वीर’ का प्रसारण सोनी सब पर हर सोमवार से शनिवार रात 9 बजे किया जाता है।
