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अदाणी विद्या मंदिर के स्वास्थ्य प्रोजेक्ट से 600 ग्रामीण बच्चों को कुपोषण से मिली राहत
12 महीने के विशेष पोषण अभियान से विद्यार्थियों की सेहत में बड़ा सुधार, चक्कर आने की समस्या पूरी तरह खत्म
साल्ही, उदयपुर, अंबिकापुर (छत्तीसगढ़), 1 जुलाई 2026। अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित अदाणी विद्या मंदिर, सरगुजा ने कुपोषण से जूझ रहे ग्रामीण बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विद्यालय के एक वर्ष तक चले विशेष ‘स्वास्थ्य एक्शन रिसर्च प्रोजेक्ट’ के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके माध्यम से 600 विद्यार्थियों में प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर कर उनकी सेहत में व्यापक सुधार किया गया।
शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान विद्यालय प्रशासन ने पाया कि सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान प्रतिदिन औसतन 15 से 20 विद्यार्थियों को कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत हो रही थी। चिकित्सकीय जांच में अधिकांश बच्चों का वजन सामान्य से कम पाया गया, जबकि उनमें ऊर्जा की कमी, सुस्ती और शारीरिक सहनशक्ति का अभाव भी देखा गया।
विद्यालय के अध्ययन में सामने आया कि विद्यार्थियों के भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक थी, जबकि आवश्यक प्रोटीन, अमीनो एसिड और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी थी। स्थानीय सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों को देखते हुए विद्यालय ने ऐसा पोषण मॉडल तैयार किया, जो परंपरागत खान-पान के अनुरूप होने के साथ-साथ बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को भी पूरा कर सके।
संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से मिला लाभ
डायटीशियनों की सलाह पर तैयार किए गए पोषण कार्यक्रम के तहत प्रत्येक विद्यार्थी को प्रतिदिन 100 मिलीलीटर दूध में चॉकलेट फ्लेवर युक्त पौष्टिक माल्ट आधारित पेय दिया गया। मध्याह्न भोजन में सोयाबीन, मूंग दाल और चना जैसे उच्च गुणवत्ता वाले पौध-आधारित प्रोटीन शामिल किए गए। इसके अलावा विद्यार्थियों को प्रतिदिन दो मौसमी फल तथा सप्ताह में दो बार सब्जियों से युक्त गेहूं का दलिया भी उपलब्ध कराया गया।
भोजन को संतुलित बनाए रखने के लिए अधिक तेल, अतिरिक्त नमक और सूजन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज किया गया।
विद्यालय ने पोषण के साथ-साथ नियमित शारीरिक गतिविधियों को भी अनिवार्य बनाया। प्रार्थना सभा के बाद विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में तीन दिन ऊपरी शरीर तथा तीन दिन निचले शरीर के व्यायाम की विशेष व्यवस्था लागू की गई। इससे विद्यार्थियों की मांसपेशियों की मजबूती, सहनशक्ति और समग्र शारीरिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
एक वर्ष में दिखे सकारात्मक परिणाम
लगातार 12 महीनों तक इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद विद्यार्थियों के स्वास्थ्य में स्पष्ट बदलाव देखने को मिला। अब प्रार्थना सभा के दौरान किसी भी विद्यार्थी को चक्कर आने की शिकायत नहीं होती। बच्चों के औसत वजन में सुधार हुआ है और उनमें पहले की तुलना में अधिक ऊर्जा, फुर्ती, आत्मविश्वास और सक्रियता दिखाई दे रही है।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा, "स्थानीय परिस्थितियों को समझते हुए संतुलित पोषण और नियमित व्यायाम को साथ लेकर चलने से यह सकारात्मक बदलाव संभव हुआ है। हमारा उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ और सक्षम बनाना था और यह परिणाम उसी दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं।"
उन्होंने कहा कि अदाणी विद्या मंदिर, सरगुजा की यह पहल अदाणी फाउंडेशन की स्वास्थ्य संवर्धन, शिक्षा और ग्रामीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह मॉडल साबित करता है कि स्थानीय आवश्यकताओं और परंपराओं के अनुरूप तैयार किए गए पोषण एवं फिटनेस कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में भी बच्चों के स्वस्थ विकास की मजबूत नींव बन सकते हैं।
अदाणी विद्या मंदिर, सरगुजा
अदाणी फाउंडेशन के तत्वावधान में संचालित अदाणी विद्या मंदिर सरगुजा आसपास के 14 से अधिक गांवों के विद्यार्थियों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। विद्यालय में विद्यार्थियों को निःशुल्क परिवहन, यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकें तथा पौष्टिक भोजन की सुविधा भी प्रदान की जाती है। विद्यालय का उद्देश्य प्रथम पीढ़ी के शिक्षार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए सक्षम बनाना है।
