Prayagraj News: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी, महाकुंभ को बताया भारत की आध्यात्मिक पहचान

महाकुंभ नगर: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को महाकुंभ 2025 में पहुंचे और त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर मां गंगा, यमुना और सरस्वती का आशीर्वाद लिया। उन्होंने देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि महाकुंभ भारत की आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है। यह आयोजन हमारी प्राचीन संस्कृति और धर्म का महोत्सव है, जहां संतों की वाणी, उनका प्रभाव और भक्तों की अपार श्रद्धा देखने को मिलती है।

महाकुंभ: समभाव और समरसता का प्रतीक

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि वेद-पुराणों में महाकुंभ का विशेष उल्लेख मिलता है। यह जाति और धर्म से ऊपर उठकर सभी को एक साथ जोड़ने का पर्व है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ आत्मिक ऊर्जा और चेतना को जाग्रत करता है और मन तथा आत्मा की शुद्धता प्रदान करता है।

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महाकुंभ: सामाजिक और आध्यात्मिक एकता का पर्व

ओम बिरला ने आस्था को जीवन का सबसे बड़ा सामर्थ्य बताते हुए कहा कि यह पर्व राजनीति से परे, सामाजिक और आध्यात्मिक समरसता का अवसर है। उन्होंने कहा कि पूरे भारत के गांव-गांव और शहर-शहर से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं, जो इस आयोजन की विशालता और पवित्रता को दर्शाता है।

भारत की सांस्कृतिक धरोहर का अद्भुत उदाहरण

महाकुंभ के प्रति अपने विश्वास को दोहराते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि समाज को जोड़ने का भी कार्य करता है। उन्होंने महाकुंभ में उमड़ रही भक्तों की भीड़ को देखकर इसे भारत की सांस्कृतिक धरोहर का अद्भुत उदाहरण बताया और सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

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