लखनऊ: SGPGI में इमरजेंसी में भर्ती मरीजों की 24 घंटे के भीतर होगी शिफ्टिंग, निदेशक ने दिया निर्देश

लखनऊ। पीजीआई की इमरजेंसी में आने वाले सभी मरीजों को इलाज उपलब्ध होगा। इमरजेंसी का लोड कम करने के लिए यहां भर्ती मरीजों को 24 घंटे के भीतर संबंधित विभाग के वार्ड में शिफ्ट करने का निर्देश संस्थान के निदेशक डॉ. आरके धीमन ने जारी किया है।

जारी निर्देश में कहा गया है कि इसका पालन सभी विभागाध्यक्ष करना सुनिश्चित करें, जिससे मरीजों को दिक्कत का सामना न करना पड़े।भाजपा के पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्र के बेटे के इलाज में लापरवाही का मामले प्रकाश में आने बाद पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन ने संस्थान के विभागाध्यक्षों के साथ बुधवार को इस संबंध में अहम बैठक की।

उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का उपचार प्राथमिकता के तौर पर करें। सीनियर रेजिडेंट की रोस्टर वार ड्यूटी इमरजेंसी भेजें। रेजिडेंट जाकर मरीजों का उपचार करें। 24 घंटे के भीतर डॉक्टर मरीज को इमरजेंसी से अपने-अपने वार्ड में शिफ्ट कर लें। यदि बेड नहीं खाली है तो मरीज को वेंटिंग दें।

मरीज को वार्ड में शिफ्ट न करने वाले विभाग के विभागाध्यक्ष की जवाबदेही होगी। निदेशक ने बताया कि इमरजेंसी में 75 बेड के अलावा करीब डेढ़ दर्जन स्ट्रेचर पर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इमरजेंसी में भर्ती हर मरीज की निगरानी की जा रही है। हालांकि इसको लेकर कुछ विभागाध्यक्षों ने नाराजगी भी जताई है।

उनका कहना है कि जब इमरजेंसी के सभी मरीज वार्ड में ले लेंगे तो ओपीडी के मरीजों को भर्ती करने में अड़चन आएगी। हर डॉक्टर के पास सीमित बेड हैं। इस पर निदेशक ने कहा कि इमरजेंसी के मरीजों को प्राथमिकता दें, लेकिन ओपीडी के मरीज भी भर्ती करें।

खबरें और भी हैं

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.