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बलिया में गंगा-घाघरा का बढ़ा जलस्तर, कई इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी; कटान से पलायन को मजबूर ग्रामीण
बलिया। खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा और घाघरा ने बलिया में चिंता बढ़ा दी है। शहर के निहोरा नगर, कृष्णा नगर और महावीर घाट इलाके में गंगा का बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं, सरयू नदी के कटान से गोपालनगर टाड़ी और भोजपुरवा गांव में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। कटान के चलते कृषि योग्य भूमि नदी में समाहित हो रही है और कई परिवार अपने आशियाने खुद उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।
खतरे के निशान से ऊपर गंगा और सरयू
रविवार शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 58.910 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 57.615 मीटर है। इसी तरह सरयू नदी का जलस्तर डीएसपी हेड पर खतरे के निशान 64.01 मीटर के मुकाबले 64.45 मीटर और चांदपुर गेज पर खतरे के निशान 58 मीटर के मुकाबले 58.76 मीटर दर्ज किया गया।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
भोजपुरवा में सबसे ज्यादा परेशानी
सरयू का पानी बढ़ने से भोजपुरवा, मलाहीचक, सुल्तानपुर पोखरा बस्ती, महाराजपुर, चांदपुर, चक विलियम और रिगवन में पानी घरों तक पहुंच गया है। टीएस बंधे के आसपास कई सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बंद है।
भोजपुरवा में स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। सड़क पर पानी भर जाने के कारण ग्रामीण नावों के सहारे आवागमन कर रहे हैं। शुक्रवार रात पानी में गिरी पानी की टंकी भी नदी में तैरती देखी गई।
150 परिवारों को राहत सामग्री वितरित
विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह और बांसडीह एसडीएम पुष्कर मिश्र ने सारंगपुर गांव में भोजपुरवा के करीब 150 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। प्रभावित परिवारों को आटा, चावल, तेल, मसाले, आलू समेत दैनिक उपयोग की अन्य सामग्री दी गई।
एसडीएम ने बताया कि भोजपुरवा में फिलहाल चार नावें लगाई गई हैं। आवश्यकता पड़ने पर नावों की संख्या बढ़ाई जाएगी। राजस्व विभाग की टीम भी लगातार क्षेत्र में मौजूद है।
इस दौरान तहसीलदार नितिन सिंह, सिम्पी सिंह, मोतीलाल साहनी, हीरालाल यादव और राकेश यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
कटान प्रभावित किसानों के लिए 24 अगस्त से आमरण अनशन का ऐलान
सरयू नदी के कटान से किसानों की जमीन लगातार नदी में समाने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलने के मुद्दे पर छात्र संघर्ष समिति के संयोजक एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य नागेंद्र बहादुर सिंह ‘झुन्नू’ ने 24 अगस्त से बांसडीह तहसील में आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है।
उन्होंने कहा कि महाराजपुर, भोजपुरवा, चांदपुर, कमालपुर और सुल्तानपुर समेत कई गांवों में कटान से किसानों की कृषि भूमि नदी में समाती जा रही है। इससे प्रभावित परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
उनका आरोप है कि कटान से क्षतिग्रस्त और नदी में समाहित हुई कृषि भूमि के बदले किसानों को अब तक समुचित मुआवजा नहीं मिल सका है। उन्होंने प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
