Lucknow News : आज जनता को समर्पित होगा ग्रीन कॉरिडोर का दूसरा चरण, 15 लाख लोगों को मिलेगा लाभ

लखनऊ : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को शहर की लाइफलाइन मानी जा रही ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का लोकार्पण करेंगे। यह कार्यक्रम दोपहर 2:30 बजे समता मूलक चौक पर आयोजित होगा। इस दौरान परियोजना के तृतीय और चतुर्थ चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास भी किया जाएगा।

करीब 1519 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना से लखनऊ में यातायात को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। इसके शुरू होने से शहर के कई व्यस्त क्षेत्रों में जाम की समस्या कम होगी और वाहन चालकों का समय बचेगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना भी मौजूद रहेंगे।

यह भी पढ़े - Hardoi News : पेपर कप फैक्ट्री में दर्दनाक हादसा, मशीन में गर्दन फंसने से मजदूर की मौत

लोकार्पण के बाद दोपहर 3 बजे झूलेलाल वाटिका में जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें नगर और ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 10 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। लोगों को लाने के लिए करीब 300 रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई है।

दूसरे चरण में 7 किमी लंबा कॉरिडोर तैयार

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार ग्रीन कॉरिडोर आईआईएम रोड से किसान पथ तक कुल 28 किमी लंबा होगा।

पहले चरण में आईआईएम रोड से पक्का पुल तक 6.8 किमी मार्ग तैयार किया गया था, जिसका लोकार्पण मार्च 2024 में हुआ था।

दूसरे चरण में डालीगंज से निशातगंज होते हुए समता मूलक चौक तक करीब 7 किमी लंबा कॉरिडोर 299 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।

इसके खुलने से हजरतगंज, डालीगंज और निशातगंज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही 1220 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले तीसरे और चौथे चरण में पिपराघाट से किसान पथ तक मार्ग को जोड़ा जाएगा।

10 मिनट में पूरा होगा सफर

अभी आईआईएम रोड से समता मूलक चौक तक पहुंचने में करीब एक घंटा या पीक आवर में डेढ़ घंटा लग जाता है। ग्रीन कॉरिडोर बनने के बाद यही दूरी करीब 10 मिनट में तय की जा सकेगी। इस परियोजना से सीधे तौर पर करीब 15 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।

166 पेड़ों का किया गया प्रत्यारोपण

एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव के अनुसार परियोजना के निर्माण के दौरान मार्ग में आने वाले 166 पेड़ों को काटने के बजाय उनका प्रत्यारोपण किया गया है, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे।

ग्रीन कॉरिडोर बनने से आसपास के क्षेत्रों में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

खबरें और भी हैं

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.